छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद का गठन, मुख्यमंत्री अध्यक्ष तो गुरु खुशवंत साहेब बने उपाध्यक्ष

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20 सदस्यीय परिषद में मंत्री, विधायक और विभिन्न जिलों से सामाजिक प्रतिनिधियों को मिली जिम्मेदारी; मुंगेली से चार सदस्यों को स्थान

रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के अनुसूचित जाति विकास विभाग ने प्रदेश में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद का गठन कर दिया है। मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर-अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार परिषद का गठन छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद नियम 2022 के उपनियम-3 के प्रावधानों के तहत किया गया है। आदेश क्रमांक एफ 16-42/2022/25-2 दिनांक 11 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।

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जारी आदेश के मुताबिक मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद में मंत्री, विधायक तथा अनुसूचित जाति समाज से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। राज्य सरकार की आधिकारिक विभागीय वेबसाइट भी गुरु खुशवंत साहेब को अनुसूचित जाति विकास मंत्री के रूप में दर्ज करती है।

मुंगेली जिले को मिला खास प्रतिनिधित्व

परिषद की सूची में मुंगेली जिले से चार सदस्यों को स्थान दिया गया है। इनमें मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, दशरंगपुर निवासी मानसिंह मोहले, केशरीखुर्द निवासी शिव कुमार बंजारा, दाबो निवासी मानिक लाल सोनवानी तथा मुंगेली निवासी विजय कुमार बंजारा का नाम परिषद की सदस्य सूची में शामिल है। इससे अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय विषयों को परिषद के समक्ष रखने के लिए मुंगेली अंचल को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है।

मंत्री और विधायक भी परिषद में शामिल

आदेश में परिषद के सदस्य के रूप में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े तथा सराईपाली विधायक चातुरीनंद को शामिल किया गया है।

इसके अलावा अलग-अलग जिलों एवं क्षेत्रों से सामाजिक प्रतिनिधियों को भी परिषद में सदस्य बनाया गया है। इनमें दुर्ग जिले के चंद्रकांता मंडले और पार्वती ढीढ़ी, बेमेतरा जिले के खेलू टंडन, हेमलाल तथा संतोष चतुर्वेदी, कबीरधाम जिले के सुखचंद भास्कर, रायपुर जिले के बेदराम खुटे एवं देवराज जांगड़े, बिलासपुर जिले के साहूकार भास्कर तथा मुंगेली जिले के विजय कुमार बंजारा शामिल हैं।

परिषद में शामिल प्रमुख सदस्य

आदेश के अनुसार परिषद में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के अलावा निम्न सदस्यों को स्थान दिया गया है—

दयालदास बघेल, मंत्री — सदस्य

पुन्नूलाल मोहले, विधायक मुंगेली — सदस्य

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक अहिवारा — सदस्य

उत्तरी जांगड़े, विधायक सारंगढ़ — सदस्य

चातुरीनंद, विधायक सराईपाली — सदस्य

मानसिंह मोहले, ग्राम दशरंगपुर, जिला मुंगेली — सदस्य

शिव कुमार बंजारा, ग्राम केशरीखुर्द, जिला मुंगेली — सदस्य

मानिक लाल सोनवानी, ग्राम दाबो, जिला मुंगेली — सदस्य

चंद्रकांता मंडले, देवबलोदा, भिलाई, जिला दुर्ग — सदस्य

पार्वती ढीढ़ी, भिलाई, जिला दुर्ग — सदस्य

खेलू टंडन, ग्राम चारभांठा, नवागढ़, जिला बेमेतरा — सदस्य

हेमलाल, ग्राम हरदी, नवागढ़, जिला बेमेतरा — सदस्य

संतोष चतुर्वेदी, ग्राम घुरसेना, नवागढ़, जिला बेमेतरा — सदस्य

सुखचंद भास्कर, ग्राम खुटा, ग्राम पंचायत सुकली गोविंद, पंडरिया, जिला कबीरधाम — सदस्य

बेदराम खुटे, सतनामी पारा, भोंथली, आरंग, जिला रायपुर — सदस्य

देवराज जांगड़े, कुएं पारा, ग्राम धमनी, आरंग, जिला रायपुर — सदस्य

साहूकार भास्कर, दुर्गा मंदिर गली, बिलासपुर — सदस्य

विजय कुमार बंजारा, तिलक वार्ड, मनगांव पारा, मुंगेली — सदस्य

अनुसूचित जाति से जुड़े विषयों पर सलाहकार भूमिका

सलाहकार परिषद का गठन अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े विषयों पर शासन को सलाह देने और संबंधित मुद्दों को नीति एवं प्रशासनिक स्तर पर सामने लाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिषद में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न जिलों के सामाजिक प्रतिनिधियों को शामिल किए जाने से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को एक मंच मिलने की संभावना है।

विशेष रूप से शिक्षा, रोजगार, सामाजिक एवं आर्थिक विकास, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े प्रशासनिक विषय तथा स्थानीय समस्याओं को परिषद के माध्यम से शासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

परिषद में मुख्यमंत्री को अध्यक्ष और अनुसूचित जाति विकास मंत्री को उपाध्यक्ष बनाए जाने से शासन स्तर पर परिषद को महत्वपूर्ण संस्थागत स्वरूप मिला है। अब परिषद की बैठकों में सदस्यों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों एवं समाज से जुड़े विषयों को सामने रखे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

विभागीय आदेश के अनुसार परिषद में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित कुल 20 नाम दर्ज हैं। यह गठन छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद नियम 2022 के उपनियम-3 के तहत किया गया है।

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