विशेष लेख : दीवाली से पहले बजी महिलाओं के मोबाइल में खुशी की घंटी
महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी, महिलाओं में उत्साह का माहौल

• धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर

रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उनकी आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत प्रदेश की माताओं-बहनों को इस दीवाली से ठीक पहले एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के भव्य समापन एवं राज्य अलंकरण समारोह के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त का बटन दबाकर आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत प्रदेश की कुल 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे अंतरित की गई है।

67 लाख से अधिक महिला हितग्राहियों के जीवन में आई खुशहाली
दीवाली के पावन पर्व से ठीक पहले महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी होने से प्रदेशभर की महिलाओं और उनके पूरे परिवार में जबरदस्त उत्साह और दीवाली जैसा उल्लास का माहौल है। छत्तीसगढ़ शासन की इस निरंतर और निश्चित वित्तीय सहायता से प्रदेश की महिलाएं अपनी और अपने बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतों को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
इस बार ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण करा चुकीं 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राहियों को इस योजना का सीधा लाभ मिला है। इसके साथ ही, राज्य शासन की विशेष पहल पर बस्तर संभाग के ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) सुरक्षा कैंप क्षेत्रों की दूरदराज की 6,908 महिलाओं को भी महतारी वंदन योजना की इस 33वीं किस्त का पूरा लाभ प्रदान किया गया है। ज्ञात हो कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना, परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में उनकी सहभागिता को बढ़ाना और उन्हें समाज में अधिक आत्मनिर्भर व सक्षम बनाना है।
अब तक 21 हजार 350 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हो चुकी है अंतरित
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की विवाहित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने के पावन उद्देश्य से 10 मार्च 2024 को इस महतारी वंदन योजना की ऐतिहासिक शुरुआत की थी। इस योजना के तहत राज्य की 67 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपए नियमित रूप से भेजे जा रहे हैं। अब तक जारी हुई 33वीं किस्त को मिलाकर पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 21 हजार 350.50 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सफलतापूर्वक अंतरित की जा चुकी है।
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली इस नियमित राशि के कारण आज प्रदेश की महिलाएं न केवल अपने परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम हुई हैं, बल्कि वे करवाचौथ, धनतेरस और दीवाली जैसे खास अवसरों व त्योहारों को भी अपने परिवार के साथ और अधिक धूमधाम व उत्साह के साथ मनाने में समर्थ हुई हैं।

बाजारों में बढ़ी रौनक और कम हुआ आर्थिक बोझ
महिलाओं के आर्थिक रूप से सक्षम होने का एक बहुत ही सकारात्मक प्रभाव स्थानीय व्यापार और बाजारों पर भी देखने को मिला है। महतारी वंदन योजना के संचालन से छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण बाजारों में लगातार रौनक बढ़ी है। करवाचौथ के पावन पर्व से शुरू हुआ महिलाओं की खरीदारी का यह दौर दीवाली तक निरंतर और उत्साह के साथ जारी रहा है। महिलाओं के पास अपनी खुद की आर्थिक ताकत होने से अब परिवार के मुखिया या अन्य सदस्यों पर पड़ने वाला दैनिक खर्चों का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है। यही कारण है कि आज प्रदेश की माताएं और बहनें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त कर रही हैं।
जब शासन की कोई कल्याणकारी सहायता पूरी पारदर्शिता के साथ सही और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचती है, तो वह केवल एक साधारण आर्थिक सहयोग मात्र नहीं रहती, बल्कि वह किसी महिला के लिए उसका अटूट आत्मविश्वास बन जाती है, किसी परिवार के लिए एक नई उम्मीद, किसी बेटी के लिए उसका सुरक्षित भविष्य और किसी बच्चे के लिए एक स्वस्थ जीवन की सुंदर शुरुआत बन जाती है।

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