दीपावली पर बिलासपुर पुलिस ने लौटाई 150 लोगों की खुशियां, 30 लाख के गुम मोबाइल सौंपे

0
IMG-20261105-WA1103

रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

‘चेतना अभियान’ के तहत अर्पण कार्यक्रम का आयोजन, वर्ष 2026 में अब तक 1500 मोबाइल रिकवर कर छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर बिलासपुर पुलिस

बिलासपुर। दीपावली के पर्व पर बिलासपुर पुलिस ने लोगों को एक अनमोल उपहार देते हुए उनके गुम हुए मोबाइल फोन वापस लौटाकर खुशियां दोगुनी कर दीं। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर 5 नवंबर को चेतना सभागार में ‘चेतना अभियान’ के अंतर्गत अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के 150 लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल फोन वापस सौंपे गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। मोबाइल वापस मिलने से लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बिलासपुर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।

बिलासपुर पुलिस ने दीपावली के पावन अवसर पर ‘आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास’ के ध्येय वाक्य के साथ यह मानवीय पहल की। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों को उनके गुम हुए मोबाइल फोन सौंपे। लंबे समय से अपने मोबाइल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह अवसर किसी दीपावली के उपहार से कम नहीं रहा।

NTPC World Environment Day

मोबाइल लौटने से भावुक हुए लोग, रिश्तों की खुशियां लौटीं

मोबाइल फोन आज केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि लोगों की यादों, रिश्तों और जरूरी जानकारियों का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ भावनात्मक परेशानी भी उठानी पड़ती है। अर्पण कार्यक्रम में मोबाइल वापस मिलने के दौरान कई भावुक कर देने वाले प्रसंग सामने आए।

रक्षाबंधन पर भाई द्वारा उपहार में दिया गया मोबाइल गुम होने से मायूस बहन के चेहरे पर फोन वापस मिलने से खुशी लौट आई। वहीं अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग महिला का गुम हुआ मोबाइल वापस मिलने से उनके परिवार में भी प्रसन्नता का माहौल बना।

एक बेटी ने अपनी पहली कमाई से मां को मोबाइल उपहार में दिया था, लेकिन वह फोन एक महीने के भीतर ही गुम हो गया। मोबाइल वापस मिलने पर परिवार भावुक हो उठा। इसी तरह परीक्षा देने के दौरान मोबाइल गंवा चुकी उच्च न्यायालय बिलासपुर की प्रैक्टिसिंग अधिवक्ता तथा एक बुजुर्ग दिव्यांग व्यक्ति को भी उनका फोन वापस मिला। सभी ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए किया जागरूक

अर्पण कार्यक्रम के दौरान मोबाइल वापसी के साथ नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया। एसीसीयू (साइबर सेल) बिलासपुर के प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी एवं अन्य पुलिस स्टाफ ने उपस्थित नागरिकों को वर्तमान में प्रचलित साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल और संदेशों पर भरोसा करने तथा अपनी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा विकसित ‘संचार साथी’ मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग और उसकी उपयोगिता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

पुलिस ने बताया कि मोबाइल और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है। नागरिकों को तकनीक का उपयोग सावधानीपूर्वक करने तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित एजेंसियों को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।

मोबाइल रिकवरी में छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर बिलासपुर पुलिस

बिलासपुर पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न थानों में मोबाइल गुम होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल रिकवरी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं एसीसीयू श्रीमती मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में एसीसीयू बिलासपुर की टीम ने तकनीकी सहायता और सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ सीमावर्ती राज्यों से भी गुम मोबाइल बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक करीब 1500 गुम मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए जा चुके हैं। मोबाइल रिकवरी के मामले में बिलासपुर पुलिस पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर बनी हुई है। दीपावली के अवसर पर 150 मोबाइल फोन लौटाने की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति

अर्पण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं एसीसीयू श्रीमती मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री पंकज कुमार पटेल, उप पुलिस अधीक्षक क्राइम एवं एसीसीयू सुदीप सरकार तथा एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पुलिस की मानवीय पहल की आमजन ने की सराहना

गुम मोबाइल फोन वापस मिलने से नागरिकों को आर्थिक राहत के साथ उनकी महत्वपूर्ण यादें और व्यक्तिगत जानकारियां भी वापस मिलीं। आम नागरिकों ने बिलासपुर पुलिस के इस मानवीय एवं संवेदनशील चेतना अभियान की खुलकर सराहना की। लोगों ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत होता है।

दीपावली के अवसर पर बिलासपुर पुलिस का यह अर्पण कार्यक्रम कानून व्यवस्था के साथ-साथ जनसेवा और संवेदनशीलता का भी उदाहरण बनकर सामने आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!