भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने रचा इतिहास
लगातार दो वर्षों के लिए मिला ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया’ का राष्ट्रीय सम्मान, किसानों और कर्मचारियों में बढ़ा उत्साह
रिपोर्टर 🖋️ कमलेश सिंह, ब्यूरो कवर्धा
कवर्धा। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा ने शुगर रिकवरी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कारखाने को वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया’ श्रेणी में नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के किसी सहकारी शक्कर कारखाने को इस श्रेणी में पहली बार यह राष्ट्रीय सम्मान मिला है।

लगातार दो वर्षों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। इस उपलब्धि को कारखाने की कार्यप्रणाली और गन्ना किसानों से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिल्ली में हुआ राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह
नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, 15 जनपथ में नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन द्वारा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर सहित विभिन्न राज्यों के सहकारिता मंत्री उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी अवसर पर भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा को लगातार दो वर्षों के प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
कारखाने की ओर से पुरस्कार आयुक्त सहकारिता छत्तीसगढ़ रमेश शर्मा, सहकारिता विभाग के ओएसडी युगल किशोर, कारखाने के प्रबंध संचालक, महाप्रबंधक एवं इंजीनियर ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया।
किसानों की समृद्धि में शक्कर कारखानों की भूमिका पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों की आर्थिक स्थिति और समृद्धि में शक्कर कारखानों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने शक्कर उद्योग से निकलने वाले सह-उत्पादों के अधिकतम उपयोग तथा उनके वैल्यू एडिशन की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन देश के सहकारी शक्कर कारखानों का राष्ट्रीय संगठन है। इसमें विभिन्न राज्यों के स्टेट फेडरेशन और 260 से अधिक सहकारी शक्कर कारखाने सदस्य हैं। फेडरेशन सहकारी शक्कर कारखानों तथा उनसे जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से जुड़े विषयों पर कार्य करता है। इसके साथ ही नीतिगत एवं तकनीकी विषयों पर भारत सरकार को सुझाव देना और सहकारी शक्कर कारखानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी इसके कार्यों में शामिल है।
लगातार दो वर्षों की उपलब्धि
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया’ श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि कारखाने के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सम्मान लगातार दो वर्षों के लिए प्राप्त हुआ है।
पुरस्कार मिलने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों, गन्ना उत्पादक किसानों, अधिकारियों और कारखाना कर्मचारियों को बधाई दी है।
करीब 5 हजार नए गन्ना किसान जुड़े
पिछले दो वर्षों में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने से गन्ना उत्पादकों को जोड़ने की दिशा में भी पहल की गई। गन्ना आपूर्ति करने वाले लगभग 5 हजार नए गन्ना उत्पादकों को शेयर प्रदान कर कारखाने की सदस्यता दी गई है।
इससे लंबे समय से कारखाने को गन्ना आपूर्ति कर रहे नए किसान सीधे सहकारी व्यवस्था से जुड़े हैं। कारखाने की सहकारी संरचना में किसानों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
शेयरधारक किसानों को रियायती दर पर शक्कर
कारखाने द्वारा शेयरधारक किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराने की योजना लगातार तीसरे वर्ष भी जारी है। योजना के अंतर्गत शेयरधारक किसानों को 30 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर से 50 किलोग्राम शक्कर उपलब्ध कराई जाती है।
इसके साथ ही किसानों को जैविक खाद के रूप में उपयोग के लिए प्रेसमड भी रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को एक ट्रैक्टर प्रेसमड 1,000 रुपये की रियायती दर पर दिया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक सीखने किसानों को कराया गया भ्रमण
गन्ना किसानों को आधुनिक एवं उन्नत उत्पादन तकनीकों से परिचित कराने के लिए कारखाने द्वारा शैक्षणिक भ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत किसानों को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में अध्ययन एवं प्रशिक्षण के लिए भेजा गया।
किसानों को गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ, वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे तथा कृषि विज्ञान केंद्र, बारामती जैसे संस्थानों में उन्नत गन्ना उत्पादन तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके अलावा गन्ना उत्पादन एवं अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को सेमिनार एवं क्षेत्रीय अध्ययन के लिए आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है।
1 हजार एकड़ में उन्नत गन्ना प्रजातियों का रोपण
गन्ने की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से उन्नत प्रजातियों के बीज एवं पौध किसानों को रियायती दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे सहित महाराष्ट्र के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों से उन्नत प्रजातियों के बीज एवं पौध मंगाए गए हैं।
कारखाने के प्रयास से इस वर्ष लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र में नई एवं उन्नत गन्ना प्रजातियों का रोपण कराया गया है। इसके साथ ही कारखाना परिसर की अतिरिक्त भूमि में लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट विकसित किए गए हैं।
इन प्रदर्शन प्लॉटों में किसान नई गन्ना प्रजातियों के उत्पादन एवं परिणामों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे और उसके आधार पर अपनी खेती में नई प्रजातियों को अपनाने के संबंध में निर्णय ले सकेंगे।
श्रमिकों के लिए 5 रुपये में गर्म भोजन
कारखाने से जुड़े कर्मचारियों और श्रमिकों के कल्याण के लिए भी विभिन्न पहल की गई हैं। श्रम विभाग के सहयोग से कारखाना परिसर में मुख्यमंत्री श्रम अन्न योजना के अंतर्गत कैंटीन स्थापित की गई है, जहां श्रमिकों को मात्र 5 रुपये प्रति थाली की दर से गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
इसके अलावा कर्मचारियों एवं श्रमिकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए समय-समय पर हेल्थ चेकअप कैंप और अन्य कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
राष्ट्रीय सम्मान से बढ़ा किसानों और कर्मचारियों का उत्साह
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दो वर्षों के लिए ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी’ का राष्ट्रीय सम्मान मिलना कारखाने से जुड़े किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए उत्साहजनक उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
कारखाने की उपलब्धियों में किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ना, रियायती दर पर शक्कर एवं प्रेसमड उपलब्ध कराना, उन्नत गन्ना प्रजातियों को बढ़ावा देना, किसानों को प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक भ्रमण कराना तथा श्रमिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना शामिल है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना उत्पादकों और कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। कारखाना प्रबंधन और किसानों के लिए यह उपलब्धि आगामी वर्षों में गन्ना उत्पादन, गुणवत्ता और शुगर रिकवरी को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी है।

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