चिकित्सक नहीं मिला, बच्चेदानी के ऑपरेशन में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, आकृति अस्पताल सील

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मुंगेली। जिले में निजी चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत बुधवार को पथरिया स्थित आकृति अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति, बच्चेदानी के ऑपरेशन से संबंधित रिकॉर्ड में विसंगतियां तथा ऑपरेशन थिएटर में साफ-सफाई एवं मानकों से जुड़ी कई गंभीर खामियां मिलीं। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और आईसीयू को सीलबंद कर दिया।

नर्सिंग होम एक्ट के मानकों की अनदेखी का मामला; ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू सीलबंद, मरीज को 108 से जिला अस्पताल भेजा

यह कार्रवाई कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक निजी अस्पतालों के संचालन को लेकर सीएम हेल्पलाइन 1076 में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के आधार पर विभाग द्वारा पथरिया क्षेत्र के निजी अस्पतालों की जांच की जा रही है।

ऑपरेशन के दौरान नहीं मिला कोई चिकित्सक

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में ग्राम रोहराकला निवासी 50 वर्षीय महिला हरन बाई साहू का बच्चेदानी का ऑपरेशन किया जाना पाया। टीम जब अस्पताल पहुंची, उस समय अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।

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अस्पताल में मौजूद स्टाफ और सर्जन से ऑपरेशन एवं मरीज के उपचार से संबंधित जानकारी मांगी गई, लेकिन टीम के अनुसार संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। जिस सर्जन का नाम अस्पताल की ओर से बताया गया, उनके द्वारा भी अस्पताल में आकर उक्त सर्जरी किए जाने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई गई। मरीज की केसशीट की जांच में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को विसंगतियां मिलीं।

मरीज की सुरक्षा को देखते हुए जिला अस्पताल भेजा

ऑपरेशन जैसी संवेदनशील स्थिति में अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। मरीज को तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय मुंगेली भेजा गया, ताकि उसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मरीज के उपचार और ऑपरेशन से जुड़ी परिस्थितियों को गंभीरता से लिया गया है।

ओटी में गंदगी, मानकों के अनुरूप नहीं मिली व्यवस्था

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। टीम के अनुसार ओटी में गंदगी थी और वहां की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। ऑपरेशन जैसे संवेदनशील चिकित्सा कार्य के लिए आवश्यक स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था का पालन नहीं होना स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर विषय माना।

विभाग के मुताबिक निरीक्षण में सामने आई स्थिति नर्सिंग होम एक्ट नियम, 2013 के निर्धारित मानकों के विपरीत पाई गई।

जिला स्तरीय टीम ने की कार्रवाई

आकृति अस्पताल के निरीक्षण के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे, जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार, खंड चिकित्सा अधिकारी पथरिया डॉ. अमित लाल तथा प्रभारी लिपिक नर्सिंग होम एक्ट एमएल टांडे की जिला स्तरीय टीम पहुंची थी।

टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता, मरीज के उपचार संबंधी दस्तावेज, ऑपरेशन थिएटर सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

निरीक्षण में चिकित्सक की अनुपस्थिति और सामने आई अन्य अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए टीम ने अस्पताल के ओटी एवं आईसीयू को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह कार्रवाई अस्पताल संचालक डॉ. विश्राम ध्रुव की उपस्थिति में की गई।

निजी अस्पतालों को सख्ती का संदेश

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों में निर्धारित चिकित्सा मानकों के पालन, चिकित्सकों की उपलब्धता, मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण और नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों को लेकर सख्ती का संदेश गया है।

विभाग का कहना है कि निजी चिकित्सालयों में मरीजों को सुरक्षित और मानक अनुरूप चिकित्सा सुविधा मिलना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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