प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय को समर्पित 25 वर्षों की कर्मयात्रा ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को मिला विकास का नया संबल, केंद्र-राज्य के समन्वय से अधोसंरचना, गरीब कल्याण, जनजातीय विकास और नक्सल उन्मूलन में मिली ऐतिहासिक सफलता

‘विकसित छत्तीसगढ़’ के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में पूरी शक्ति से योगदान देगा प्रदेश – मुख्यमंत्री साय

पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति
‘आदिम जाति विकास विभाग’ अब ‘जनजातीय कार्य विभाग’ के नाम से जाना जाएगा
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज राजधानी रायपुर में स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी दी और प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व का छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर पड़े व्यापक प्रभाव को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुभ अवसर पर मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा के अभिनंदन का शुभ प्रस्ताव पारित किया है। यह केवल एक उपलब्धि का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों को समर्पित एक असाधारण कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व का अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ राष्ट्रसेवा की कामना की।
उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद ने जैम से लेकर जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लेकर नक्सलवाद से मुक्ति तक राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का अभिनंदन किया है। साथ ही सहकारी संघवाद के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक संसाधन और भागीदारी देने तथा आवास, नल-जल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मिले सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
गुजरात से शुरू हुए सुशासन के प्रयोगों ने देश और छत्तीसगढ़ को दिखाई नई राह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शासन में टेक्नोलॉजी, जनसंवाद और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के अनेक अभिनव प्रयोग किए। आगे चलकर इन सफल प्रयोगों को राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया गया। वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ ने भी अपनी शुरुआती विकास यात्रा में ‘गुजरात मॉडल’ के सफल अनुभवों से सीखते हुए तेज गति से आगे बढ़ने का प्रयास किया। संवाद और ‘चिंतन शिविर’ जैसी कार्यसंस्कृति भी इसी सोच से प्रेरित रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति ने आज परियोजनाओं की प्लानिंग और मॉनिटरिंग को टेक्नोलॉजी से जोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के लगभग 20 हजार गांवों में से करीब 14 हजार गांव जियो-रेफरेंस्ड किए जा चुके हैं।
निवेश और उद्योगों के लिए छत्तीसगढ़ में बना अनुकूल वातावरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वाइब्रेंट गुजरात’ ने देश के राज्यों को अपनी औद्योगिक एवं आर्थिक संभावनाएं दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की नई दृष्टि दी। इसी प्रेरणा के साथ छत्तीसगढ़ ने भी निवेश आकर्षित करने के लिए व्यापक संरचनात्मक और नीतिगत सुधार किए हैं।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ के माध्यम से औद्योगिक अनुमतियों को सरल बनाया गया है और निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल अर्थात स्वतः स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं और आसान हुई हैं।
दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति दी गई है। राज्य में कुल मिलाकर 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सुधारों और नई औद्योगिक नीति के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
डिजिटल तकनीक से शासन हुआ अधिक पारदर्शी और नागरिक केंद्रित
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्नोलॉजी को सुशासन का प्रभावी माध्यम बनाया है। जनधन-आधार-मोबाइल यानी जैम की त्रयी से देश के 60 करोड़ लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सरकारी सहायता बिना बिचौलियों के सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है। यूपीआई ने छोटे व्यापारियों से लेकर आम नागरिकों तक डिजिटल भुगतान को सहज बनाया है।
छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टैक के अंतर्गत किसानों की 42 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना के माध्यम से 7.51 लाख ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए गए हैं।
गरीब कल्याण की योजनाओं ने बदली लाखों परिवारों की जिंदगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के केंद्र में गरीब कल्याण और अंतिम व्यक्ति का उत्थान रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण हुए हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में ही 11.78 लाख आवासों का निर्माण हुआ है और आवास निर्माण की गति में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है।
स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत 2,437 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से प्रदेश में 36 लाख घरेलू और 14,970 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ है तथा 18,653 गांव ओडीएफ प्लस घोषित हुए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से 39.73 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन मिले हैं।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए हैं। 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वय-वंदना कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
संकट में गरीब परिवारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बनी खाद्यान्न व्यवस्था
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरोना महामारी जैसे अभूतपूर्व संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक संचालित किया। ‘वैक्सीन मैत्री’ के माध्यम से 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराकर भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को चरितार्थ किया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से आज छत्तीसगढ़ के 73 लाख परिवारों के लगभग 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्र सरकार की इस योजना से राज्य को लगभग 5,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है।
किसानों की आय और कृषि अर्थव्यवस्था को मिला नया संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ छत्तीसगढ़ के 26.57 लाख किसानों के खातों तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 5,064 करोड़ रुपये का केंद्रांश प्रीमियम प्राप्त हुआ है।
वर्ष 2015 की तुलना में प्रदेश में पंजीकृत किसानों की संख्या 13.17 लाख से बढ़कर 27.53 लाख तथा पंजीकृत रकबा 21.26 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 33 लाख हेक्टेयर हो गया है। धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा है। किसानों को एमएसपी के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
महिला सशक्तीकरण और युवाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राज्य में 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं। ‘बिहान’ के माध्यम से 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं। वन धन विकास केंद्रों से 70 हजार से अधिक जनजातीय महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए खेलो इंडिया के अंतर्गत आठ जिलों में 48 करोड़ रुपये की सहायता तथा 33 खेलो इंडिया मिनी सेंटर स्वीकृत हुए हैं। बिलासपुर में हॉकी, आर्चरी और एथलेटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति मिली है।
जनजातीय गौरव के साथ सुदूर अंचलों तक पहुंच रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित कर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के जनजातीय समाज के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया है।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 6 हजार से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में अधोसंरचना का विकास हो रहा है। पीएम जनमन योजना से प्रदेश के 18 जिलों में निवासरत पांच विशेष पिछड़ी जनजातियों के 56 हजार से अधिक परिवारों तक आवास, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंची हैं।
प्रदेश के 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। लघु वनोपज पर एमएसपी के माध्यम से छह लाख संग्राहकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। नवा रायपुर में देश का पहला डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय स्थापित किया गया है।
सहकारी संघवाद से छत्तीसगढ़ के संसाधनों में अभूतपूर्व वृद्धि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद को नई मजबूती मिली है। केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत की गई। पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों के अंश के रूप में 3 लाख 46 हजार 806 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो वर्ष 2004 से 2014 के बीच मिले 47,100 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 7.4 गुना है।
खनिज संपदा का लाभ स्थानीय क्षेत्रों और नागरिकों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई डिस्ट्रिक्ट मिनरल Foundation व्यवस्था से प्रदेश को 17,887 करोड़ रुपये मिले और 81 हजार से अधिक विकास कार्य किए गए। जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में एकीकृत बाजार की व्यवस्था बनी तथा छत्तीसगढ़ को 22,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जीएसटी क्षतिपूर्ति सहायता भी मिली।
सड़क, रेल, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ में 35,766 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां मिली हैं तथा 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।
सिक्स-लेन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे छत्तीसगढ़ को बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ेगा। इसके साथ ही 4,007 करोड़ रुपये की लागत से बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव फोर-लेन मार्ग और 2,289 करोड़ रुपये की लागत से छह-लेन रायपुर-दुर्ग बायपास का निर्माण प्रगति पर है।
रेल क्षेत्र में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की नई लाइन, दोहरीकरण, फ्लाईओवर एवं पुल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। डिजिटल भारत निधि के माध्यम से सुदूर एवं जनजातीय क्षेत्रों में 1,643 मोबाइल टावर स्वीकृत हुए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। रायगढ़ के लारा सुपर थर्मल पावर Project की क्षमता 4,000 मेगावाट से बढ़ाकर 4,800 मेगावाट की गई है। 2,808 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से 9.30 लाख घरों को नए विद्युत कनेक्शन मिले हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.16 लाख से अधिक घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं और इसके लिए 670 करोड़ रुपये की केंद्रीय सब्सिडी जारी हुई है।
नक्सलवाद से मुक्ति के बाद बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए सबसे बड़े गर्व और संतोष का विषय यह है कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से 31 मार्च 2026 को प्रदेश को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन ‘कंधे पर गन नहीं, कंधे पर हल ही सभी समस्याओं का हल है’ ने बस्तर में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिली। आत्मसमर्पित कैडरों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 5,671 आवासों का निर्माण जारी है।
आरसीपीएलडब्ल्यूई के अंतर्गत 267 सड़कें और आठ पुल पूर्ण हो चुके हैं। पीएमजीएसवाई-4 के अंतर्गत 699 करोड़ रुपये से 228 सड़कों का निर्माण हो रहा है। नक्सल हिंसा के कारण वर्षों से बंद 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन सहित शासन की विभिन्न सुविधाएं पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के साथ अब शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, पर्यटन, निवेश और आजीविका के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
राष्ट्रहित में बड़े और साहसिक निर्णयों का दौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के दृढ़ राष्ट्रीय संकल्प को दुनिया के सामने रखा है। वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद का सृजन राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण निर्णय रहे हैं।
अनुच्छेद 370 की समाप्ति से जम्मू-कश्मीर का भारत में पूर्ण संवैधानिक एकीकरण हुआ। औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर सामाजिक न्याय को भी मजबूती प्रदान की गई।
‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना हुई साकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला के भव्य मंदिर का निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेशवासियों के लिए ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ संचालित कर रही है।
प्रसाद योजना के अंतर्गत 48 करोड़ रुपये की सहायता से मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर, डोंगरगढ़ में विकास कार्य पूर्ण हुआ है। स्वदेश दर्शन योजना में जशपुर, सरगुजा, बिलासपुर और जगदलपुर के जनजातीय पर्यटन सर्किट के लिए 94 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
स्वदेश दर्शन 2.0 में कबीरधाम के भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 146 करोड़ रुपये और जशपुर के मयाली-बगीचा इको-टूरिज्म के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। चंपारण में संत महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की मूर्ति एवं कॉम्प्लेक्स की स्थापना के लिए 73.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से ‘पीएम एकता मॉल’ बनाया जाएगा, जिससे हथकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग को नया बाजार मिलेगा। नवा रायपुर में निफ्ट की स्थापना भी स्वीकृत हुई है।
वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की प्रतिष्ठा, छत्तीसगढ़ को भी मिल रहे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका और प्रतिष्ठा का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। जी-20 की अध्यक्षता, ब्रिक्स में भारत की प्रभावी भूमिका, अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता दिलाने की पहल तथा ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती देना भारत की बढ़ती वैश्विक क्षमता का प्रमाण है। दुनिया के 36 देशों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया जाना भी भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष जैसी भारत की पहलों का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिला है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से बस्तर और सरगुजा के कोदो, कुटकी एवं रागी उत्पादक जनजातीय किसानों के लिए नए बाजार और आर्थिक अवसर सृजित हुए हैं।
‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनेगा ‘विकसित भारत 2047’ का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के महासंकल्प में प्रभावी भागीदारी के लिए राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त बस्तर, खनिज एवं ऊर्जा की अपार संपदा, मेहनती किसान, सशक्त महिलाएं, युवा शक्ति, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और निवेश के अनुकूल वातावरण छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ मंत्रिपरिषद ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में पूर्ण योगदान देने का संकल्प दोहराया है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और छत्तीसगढ़ समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।
पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी
मुख्यमंत्री साय ने मंत्रिपरिषद के अन्य निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव, अनुशासन और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति प्रदान की है। राज्य शासन द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।
‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नया नाम होगा ‘जनजातीय कार्य विभाग’
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है। इसके अंतर्गत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम परिवर्तित कर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, जनकल्याण और विकास के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

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