सेवा की कहानी: कभी बरसात में टपकती थी छत, अब पक्के घर में सुरक्षित जीवन बिता रहे पहाड़ी कोरवा दिलबंधु
प्रधानमंत्री जनमन योजना से साकार हुआ पक्के आवास का सपना, मिट्टी के कच्चे मकान और हर साल छत की मरम्मत की परेशानी से मिली मुक्ति

सड़क, पेयजल, गैस चूल्हा और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं से बदली मानिकप्रकाशपुर की तस्वीर, जनजातीय परिवारों का जीवन हो रहा सुगम

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक पहुंच रही आवास और बुनियादी सुविधाएं
रायपुर । कभी बरसात शुरू होते ही घर की टपकती छत की चिंता सताने लगती थी। मिट्टी के कच्चे मकान में रहने के कारण बारिश के दिनों में परिवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत से पानी टपकने पर बार-बार खपरा लगाकर मरम्मत करनी पड़ती थी, लेकिन अब वे दिन बीते समय की बात हो गए हैं। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मानिकप्रकाशपुर निवासी विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के श्री दिलबंधु के जीवन में प्रधानमंत्री जनमन योजना ने महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। योजना के अंतर्गत पक्का आवास मिलने से उनका परिवार अब सुरक्षित और बेहतर वातावरण में रह रहा है। इसके साथ ही गांव में सड़क, पेयजल, गैस चूल्हा और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से उनके दैनिक जीवन की परेशानियां भी कम हुई हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रारंभ प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों को आवास सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में भी इन सुविधाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सामने आई दिलबंधु की कहानी दर्शाती है कि पक्के आवास और गांव में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से जनजातीय परिवारों के जीवन में किस प्रकार सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।
बरसात में खपरा लगाकर करनी पड़ती थी छत की मरम्मत, अब मिली स्थायी राहत
दिलबंधु बताते हैं कि पहले उनका परिवार मिट्टी के बने कच्चे मकान में रहता था। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकना सबसे बड़ी परेशानी थी। बारिश के पानी से बचने के लिए उन्हें बार-बार खपरा लगाकर छत की मरम्मत करनी पड़ती थी। कच्चे मकान की स्थिति के कारण परिवार को हर वर्ष बारिश के दिनों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित संसाधनों के कारण स्वयं का पक्का घर बनाना आसान नहीं था, इसलिए परिवार लंबे समय से बेहतर आवास की आवश्यकता महसूस कर रहा था।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पक्का आवास मिलने से दिलबंधु के परिवार की यह परेशानी दूर हो गई है। अब उन्हें बरसात के समय छत से पानी टपकने या बार-बार मरम्मत करने की चिंता नहीं रहती। पक्के मकान ने परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ रहने की बेहतर व्यवस्था भी प्रदान की है। दिलबंधु के लिए यह केवल मकान का निर्माण नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही कठिनाइयों से मुक्ति और सम्मानजनक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।
सड़क और स्ट्रीट लाइट से आवागमन हुआ सुगम, पेयजल और गैस चूल्हे से मिली सुविधा
दिलबंधु के जीवन में बदलाव केवल पक्के आवास तक सीमित नहीं है। गांव में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से भी उनके परिवार को राहत मिली है। वे बताते हैं कि पहले गांव में झाड़ी-झंखाड़ अधिक थे और सड़कों की स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण आवागमन में परेशानी होती थी। विशेष रूप से दैनिक जरूरतों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। अब सड़क निर्माण होने से ग्रामीणों का आवागमन पहले की तुलना में आसान हुआ है।
इसके साथ ही सड़क पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होने से प्रकाश की सुविधा उपलब्ध हुई है। गांव में पेयजल और परिवार को गैस चूल्हे की सुविधा मिलने से भी दैनिक जीवन अधिक सुगम हुआ है। इन सुविधाओं ने परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद की है। दिलबंधु बताते हैं कि पहले की तुलना में अब गांव में रहने की व्यवस्था बेहतर हुई है और रोजमर्रा के कामकाज में होने वाली परेशानियां कम हुई हैं।
पीएम जनमन से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को मिल रहा बेहतर जीवन का अवसर
प्रधानमंत्री जनमन योजना का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक आवास और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले इन परिवारों के लिए पक्का आवास, सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं जीवन स्तर में सुधार का महत्वपूर्ण आधार हैं। इन सुविधाओं के विस्तार से परिवारों को सुरक्षित आवासीय वातावरण मिलने के साथ दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सुविधा होती है।
मानिकप्रकाशपुर निवासी दिलबंधु का अनुभव इस बदलाव का उदाहरण है। पहले उनका परिवार कच्चे मकान और खराब सड़क जैसी परेशानियों का सामना करता था, जबकि अब पक्के आवास और गांव में विकसित सुविधाओं से जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के प्रयास उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और बेहतर रहन-सहन के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
पक्का घर मिलने पर दिलबंधु ने जताई खुशी, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पक्का आवास मिलने पर दिलबंधु ने खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि पहले मिट्टी के कच्चे मकान में बरसात के दौरान काफी कठिनाइयां होती थीं। छत से पानी टपकने के कारण बार-बार मरम्मत करनी पड़ती थी, लेकिन अब पक्का घर बनने से परिवार को इन परेशानियों से राहत मिली है। गांव में सड़क, पेयजल, गैस चूल्हा और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से उनका रहन-सहन भी बेहतर हुआ है।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत दिलबंधु की यह कहानी विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के जीवन में शासकीय योजनाओं से आ रहे सकारात्मक बदलाव को सामने लाती है। कभी बारिश के दिनों में कच्चे मकान की टपकती छत से परेशान रहने वाला उनका परिवार आज पक्के आवास में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहा है। इसके साथ ही गांव में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाया है। दिलबंधु का अनुभव दर्शाता है कि आवास और मूलभूत सुविधाओं की पहुंच ग्रामीण एवं जनजातीय परिवारों को बेहतर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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