पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की आर्थिक राहत

0
IMG-20261015-WA1403

पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से घटकर हुआ मात्र 500 रुपये, पारिवारिक संपत्ति का हस्तांतरण हुआ किफायती

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं में सुधार से नागरिकों को मिल रही सहूलियत

NTPC World Environment Day

रायपुर । छत्तीसगढ़ में पारिवारिक संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन को सरल और किफायती बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी नेत्र प्रभा जोशी के लिए पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में शुल्क संबंधी रियायत महत्वपूर्ण सहारा बनी। संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच हकत्यागनामा के पंजीयन शुल्क को संपत्ति के बाजार मूल्य के 0.8 प्रतिशत से घटाकर मात्र 500 रुपये किए जाने से उन्हें 81 हजार 648 रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक बचत हुई। इस राहत से पारिवारिक संपत्ति से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल और मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। इन सुधारों में पंजीयन प्रक्रिया का सरलीकरण, शुल्क में रियायत, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों का विकास प्रमुख हैं। इन व्यवस्थाओं का लाभ आम नागरिकों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित किए जा रहे हैं।

81 हजार रुपये से अधिक की बचत ने दी परिवार को बड़ी राहत

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपना अनुभव साझा करते हुए नेत्र प्रभा जोशी ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित रिलीज डीड का पंजीयन कराने के दौरान उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती पंजीयन शुल्क का लाभ मिला। इस व्यवस्था के कारण उनके 81,648 रुपये बच गए। संपत्ति संबंधी दस्तावेज के पंजीयन में इतनी बड़ी राशि की बचत उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत साबित हुई।

जोशी ने बताया कि पंजीयन शुल्क में कमी आने से पारिवारिक संपत्ति से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों का पंजीयन कराना पहले की तुलना में अधिक किफायती हुआ है। इससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक व्यय से राहत मिली है। उन्होंने इस सुविधा को आम नागरिकों के लिए उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

पारिवारिक हकत्याग पर अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क

राज्य शासन द्वारा संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच पारिवारिक हकत्यागनामा के पंजीयन शुल्क में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले ऐसे दस्तावेजों के पंजीयन पर संपत्ति के बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत शुल्क निर्धारित था, जिसे घटाकर अब मात्र 500 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से पात्र परिवारों को संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन और हकत्याग के दस्तावेजों का पंजीयन कराने में आर्थिक सहूलियत मिल रही है।

विशेष रूप से उन परिवारों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें पारिवारिक संपत्ति के हकत्याग से संबंधित दस्तावेजों के पंजीयन में पहले अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी। जगदलपुर की नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की राहत इसका उदाहरण है। पंजीयन शुल्क में कमी से बची राशि परिवार की अन्य आवश्यकताओं के लिए उपयोग की जा सकती है।

डिजिटल सुविधाओं से सरल और पारदर्शी बन रही पंजीयन प्रक्रिया

वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा तकनीक आधारित सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल दस्तावेज, ऑनलाइन भुगतान और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनाई जा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों के समय और धन की बचत के साथ पंजीयन कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है।

प्रदेश में विकसित हो रहे सर्वसुविधायुक्त स्मार्ट पंजीयन कार्यालय

राज्य में नागरिकों को बेहतर वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्मार्ट पंजीयन कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इन कार्यालयों में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल टोकन प्रणाली, हेल्प डेस्क, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, निःशुल्क वाई-फाई और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रथम चरण में सीबीडी नवा रायपुर, बेबीलोन टावर, श्रीराम बिजनेस पार्क सड्डू, अभनपुर, तिल्दा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और कुनकुरी स्थित पंजीयन कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा चुका है। इन कार्यालयों में नागरिकों को सुविधाजनक वातावरण में पंजीयन कार्य पूरा करने और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।

सेवा संकल्प अभियान से सामने आ रही बदलाव की कहानियां

पंजीयन विभाग का ‘सेवा संकल्प अभियान’ नागरिकों के अनुभवों और सुझावों को जानने का माध्यम बन रहा है। अभियान के तहत हितग्राहियों से संवाद कर पंजीयन सेवाओं में हुए सुधारों के वास्तविक लाभ की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

जगदलपुर की नेत्र प्रभा जोशी की कहानी दर्शाती है कि पंजीयन शुल्क में किए गए सुधार किस प्रकार परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत प्रदान कर रहे हैं। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में 81,648 रुपये की बचत उनके लिए केवल शुल्क में रियायत नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतों के लिए उपलब्ध हुई एक महत्वपूर्ण राशि भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
error: Content is protected !!