नम आंखों से मातारानी को दी विदाई, जयकारों से गूंजा मुंगेली
धूमधाम से निकली दुर्गा प्रतिमा विसर्जन झांकी, कृषि उपज मंडी और पुराना बस स्टैंड होते हुए रामगढ़ तालाब पहुंची; अगले बरस जल्दी आने की कामना
मुंगेली। शारदीय नवरात्र के नौ दिनों तक भक्ति, आस्था और उल्लास में डूबे मुंगेली शहर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को नम आंखों से विदाई दी गई। शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में विराजित माता रानी की प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। शाम होते ही बाजे-गाजे, धुमाल और डीजे की धुन पर विसर्जन झांकियां निकाली गईं। माता के जयकारों से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु नाचते-गाते और माता की भक्ति में लीन होकर विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। नौ दिनों तक चले पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्र उत्सव का समापन हुआ।

बाजे-गाजे के साथ निकली विसर्जन यात्रा
नवरात्र के दौरान शहर के विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई थी। नौ दिनों तक श्रद्धालुओं ने माता की आराधना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र के समापन पर प्रतिमाओं को विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। शाम होते ही विभिन्न पंडालों से विसर्जन झांकियां निकलनी शुरू हुईं। आकर्षक साज-सज्जा के साथ निकली झांकियों में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।

ढोल-धुमाल और डीजे की धुन पर श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। ‘बोलो दुर्गा मैया की जय’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा। कई श्रद्धालु नृत्य करते हुए माता की विदाई यात्रा में शामिल हुए, वहीं अनेक भक्तों ने हाथ जोड़कर मां दुर्गा से सुख, शांति और खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
प्रमुख मार्गों से होते हुए रामगढ़ तालाब पहुंची झांकी
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की झांकी कृषि उपज मंडी के पड़ाव चौक, पुराना बस स्टैंड और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रामगढ़ तालाब पहुंची। यात्रा के दौरान रास्ते में श्रद्धालुओं ने माता की आरती उतारी और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। विसर्जन यात्रा को लेकर शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। जगह-जगह लोगों ने माता के दर्शन किए और श्रद्धा के साथ विदाई दी।
विसर्जन यात्रा में शामिल भक्तों के चेहरों पर जहां उत्सव की खुशी दिखाई दे रही थी, वहीं माता की विदाई को लेकर भावुकता भी नजर आई। नौ दिनों तक पंडालों में मां दुर्गा की सेवा और आराधना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रतिमा विसर्जन का क्षण विशेष भावनात्मक रहा।
विधि-विधान से किया गया प्रतिमाओं का विसर्जन
रामगढ़ तालाब पहुंचने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। भक्तों ने नम आंखों से माता को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से आगमन की कामना की।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ विसर्जन
प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। विसर्जन यात्रा के दौरान भक्तों ने धार्मिक उत्साह के साथ भाग लिया। शहर के विभिन्न पंडालों से निकली प्रतिमाओं का रामगढ़ तालाब में विसर्जन किया गया और इसके साथ ही नवरात्र उत्सव का समापन हुआ।
नौ दिनों तक भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा मुंगेली शहर माता की विदाई के बाद भावुक नजर आया। पंडालों में गूंजने वाले भजन, आरती और जयकारों की यादों के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष के बीच भक्तों ने माता रानी को विदाई दी और आगामी नवरात्र में उनके स्वागत की उम्मीद संजोई।

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