मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बीएसपी के हजारों आवासधारियों को बड़ी राहत, किराए में 75 प्रतिशत तक की कटौती
रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों के लिए अब 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह की समान किराया दर
लगभग 3,946 आवासधारियों को मिलेगा लाभ, सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर कम होगा आर्थिक बोझ

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक के बाद बीएसपी प्रबंधन ने जारी किया संशोधित आदेश

मुख्यमंत्री साय से सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ और थर्ड पार्टी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर, 3 नवंबर 2026/ भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की टाउनशिप में निवासरत हजारों परिवारों की लंबे समय से चली आ रही आवास किराए की गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और राहतकारी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता और विशेष पहल पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशन स्कीम तथा थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का मासिक किराया घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह कर दिया है। इस दूरदर्शी फैसले से करीब चार हजार आवासधारियों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। विशेष रूप से बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह निर्णय आर्थिक रूप से अत्यंत राहत देने वाला साबित होगा, क्योंकि रिटेंशन श्रेणी में किराए की दर में सीधे 75 प्रतिशत तक की बड़ी कटौती की गई है।
इस बीच, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ और थर्ड पार्टी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका आभार जताया। इस गरिमामयी मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक ललित चंद्राकर एवं विधायक रिकेश सेन सहित दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री की पहल से आवास किराए की समस्या के समाधान का रास्ता हुआ प्रशस्त
बीएसपी टाउनशिप के निवासियों को पिछले कुछ समय से बढ़े हुए किराए के कारण हो रही भारी परेशानियों का विषय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक के दौरान रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों के लिए पूर्व में निर्धारित अलग-अलग किराया दरों तथा उनमें हुई अप्रत्याशित वृद्धि से उत्पन्न विकट परिस्थितियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने संयंत्र से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य प्रभावित परिवारों की वर्तमान आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का एक व्यावहारिक, न्यायसंगत और संवेदनशील समाधान निकालने पर विशेष जोर दिया था।
मुख्यमंत्री साय की इसी सकारात्मक पहल के बाद जनप्रतिनिधियों और बीएसपी के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई मैराथन चर्चा में किराया दरों में बड़ी कटौती और संशोधन पर आम सहमति बनी। इसके परिपालन में बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने 2 नवंबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी कर नई किराया दरें निर्धारित कर दीं। संशोधित आदेश के अनुसार रिटेंशन और थर्ड पार्टी, दोनों ही श्रेणियों के संबंधित आवासों के लिए अब समान रूप से मात्र 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह की दर से किराया देय होगा।
रिटेंशन श्रेणी में 75 प्रतिशत और थर्ड पार्टी श्रेणी में 25 प्रतिशत की बड़ी राहत
रिटेंशन स्कीम के अंतर्गत आने वाले आवासों का मासिक किराया पहले 24 रुपए प्रति वर्गफीट निर्धारित था। अब इसे भारी कटौती के साथ घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट कर दिए जाने से आवासधारियों को सीधे 75 प्रतिशत की ऐतिहासिक राहत मिलेगी। इसे एक उदाहरण से समझें तो यदि किसी आवास का कुल क्षेत्रफल 500 वर्गफीट है, तो पहले उसके लिए प्रतिमाह 12 हजार रुपए भारी-भरकम किराया देना पड़ता था। नई संशोधित दर लागू होने पर वही किराया घटकर मात्र 3 हजार रुपए रह जाएगा। इस प्रकार संबंधित परिवार को हर महीने 9 हजार रुपए और पूरे वर्ष में 1 लाख 8 हजार रुपए की सीधी और बड़ी बचत होगी।
इसी तरह थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासधारियों को भी संशोधित दर का भरपूर लाभ मिलेगा। इस श्रेणी में पहले 8 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह किराया निर्धारित था, जिसे अब घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट कर दिया गया है। इससे थर्ड पार्टी आवासधारियों का किराया सीधे 25 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इस नई व्यवस्था से दोनों श्रेणियों के संबंधित आवासों के लिए किराए की दर में एकरूपता और पारदर्शिता भी आएगी।
लगभग चार हजार परिवारों को मिलेगी सीधी आर्थिक राहत
उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस संशोधित किराया व्यवस्था से बीएसपी टाउनशिप के कुल 3,946 आवासधारियों के सीधे तौर पर लाभान्वित होने का अनुमान है। इनमें रिटेंशन श्रेणी के 1,158 आवास और थर्ड पार्टी श्रेणी के 2,788 आवास मुख्य रूप से शामिल हैं।
गौरतलब है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में दशकों तक अपनी निष्ठावान सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए अनेक कर्मचारी आज सीमित पेंशन अथवा आय के बेहद सीमित साधनों पर आश्रित हैं। ऐसे बुजुर्ग परिवारों के लिए आवास किराए में अचानक हुई भारी वृद्धि अतिरिक्त आर्थिक तनाव का बड़ा कारण बन गई थी। अब यह संशोधित दर लागू होने से उनकी नियमित मासिक व्यय राशि में उल्लेखनीय कमी आएगी और दैनिक पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए उनके पास पर्याप्त बचत उपलब्ध हो सकेगी।
पूर्व अवधि के किराए की पुनर्गणना का भी स्पष्ट प्रावधान
बीएसपी प्रबंधन द्वारा जारी संशोधित आदेश में किराए की इस नई दर को पूर्व प्रभाव से लागू करने की विशेष व्यवस्था भी की गई है। इसके अनुसार संबंधित अवधि के लिए पूर्व में लिए गए किराए की पुनर्गणना (रिकलकुलेशन) संभव हो सकेगी। जिन आवासधारियों ने पूर्व निर्धारित अधिक दर पर किराया जमा कर दिया है, उनकी अतिरिक्त जमा राशि के समायोजन की पारदर्शी प्रक्रिया संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों के आधार पर जल्द स्पष्ट की जाएगी। यह संशोधित किराया व्यवस्था आगामी स्थायी आदेश जारी होने तक अंतरिम राहत के रूप में प्रभावी रहेगी।
भिलाई टाउनशिप के आवासधारियों की पुरानी समस्या का हुआ स्थायी समाधान
भिलाई इस्पात संयंत्र के निर्माण, संचालन और राष्ट्र निर्माण में वर्षों तक अपना पसीना बहाने वाले कर्मचारियों के लिए टाउनशिप के ये आवास उनके जीवन, यादों और परिवार से गहराई से जुड़े हुए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी अनेक परिवार इन्हीं आवासों में सम्मानपूर्वक निवासरत हैं। किराए में अचानक हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण ऐसे परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस संवेदनशील पहल पर बीएसपी प्रबंधन द्वारा लिया गया यह निर्णय इन परिवारों की लंबे समय से चली आ रही मानसिक और आर्थिक चिंता को पूरी तरह दूर करने की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगा। किराए में हुई इस अभूतपूर्व कटौती से जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य आवासधारियों को बड़ी आर्थिक संजीवनी मिलेगी, वहीं दोनों श्रेणियों के लिए एक समान दर तय होने से पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई इस जनहितकारी मांग पर त्वरित संज्ञान और उच्चस्तरीय फैसले से भिलाई के हजारों प्रभावित परिवारों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा हुआ है।

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