एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में 1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा— विकसित भारत के निर्माण में युवा इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, महत्वपूर्ण खनिज, जनजातीय स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अनुसंधान को मिलेगी नई गति

दीक्षांत समारोह में 51 पदकों से मेधावी विद्यार्थी सम्मानित, कंप्यूटर साइंस की छात्रा आत्मिका गांगेली बनीं ओवरऑल टॉपर

रायपुर । राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में बेहद गरिमामयी वातावरण में आयोजित किया गया। इस भव्य समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के कुल 1,364 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां और उपाधियां प्रदान की गईं। साथ ही, विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को कुल 51 पदकों से सम्मानित किया गया।
दीक्षांत समारोह के साथ ही एनआईटी रायपुर में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एक नए और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने संस्थान में सात अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का लोकार्पण किया। ये विशिष्ट केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष अनुसंधान, एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी, ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य तथा सतत ऊर्जा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उच्चस्तरीय अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को तीव्र गति प्रदान करेंगे।
समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी विशिष्ट अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहीं। समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की। इस गरिमामयी अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव, सीनेट एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सम्मानित सदस्य, वरिष्ठ प्राध्यापकगण, प्रशासनिक अधिकारी, उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विकसित भारत के निर्माण में अपनी अहम भूमिका तय करें युवा : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी
दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सभी विद्यार्थियों से ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा विद्यार्थी को यह दृढ़ संकल्प लेना चाहिए कि देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में उसका भी एक महत्वपूर्ण और सार्थक योगदान होगा।
उन्होंने वर्तमान परिप्रेक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश ऊर्जा, सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला, उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार सृजन और कृषि विकास सहित अनेक क्षेत्रों में नई और अनूठी चुनौतियों का सामना कर रहा है। हमारे युवाओं को इन चुनौतियों को किसी बाधा के रूप में देखने के बजाय एक बड़े अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। देश को खाद्यान्न और तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न क्षेत्रों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए-नए समाधान और स्वदेशी तकनीक विकसित करना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।
श्री रेड्डी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान और रटने की प्रवृत्ति तक सीमित रखने के बजाय कौशल आधारित, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार देश के सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर इस दिशा में निरंतर और प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।
उन्होंने भविष्य की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत विनिर्माण तकनीक आने वाले कल की अर्थव्यवस्था तथा रोजगार के प्रमुख आधार स्तंभ बनेंगे। भारत के युवाओं में प्रतिभा, क्षमता और बुद्धि कौशल की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि वे आधुनिक तकनीक, मौलिक अनुसंधान और नवाचार का उपयोग कर देश की प्रगति को नई ऊंचाइयां दें।
केंद्रीय मंत्री ने अमेरिका की सिलिकॉन वैली में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की उल्लेखनीय और गौरवशाली भागीदारी का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां आज लगभग एक-तिहाई तकनीकी पेशेवर भारतीय ही हैं। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था और भारतीय युवाओं की क्षमता कितनी उत्कृष्ट है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी इस प्रतिभा का सदुपयोग राष्ट्र निर्माण और संपूर्ण मानव समाज की बेहतरी के लिए करने हेतु प्रेरित किया।
सात नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से अनुसंधान और नवाचार को मिलेगी नई पहचान
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने एनआईटी रायपुर परिसर में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का औपचारिक शुभारंभ किया। इन महत्वपूर्ण केंद्रों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स
- सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE)
- मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज
- सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज
इन सभी उन्नत केंद्रों की स्थापना से विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में अंतर्विषयक (इंटरडिसिप्लिनरी) अनुसंधान को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही, देश के शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और प्रमुख उद्योग जगत के बीच आपसी सहयोग के नए और व्यापक अवसर विकसित होंगे। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिजों, नैनोसाइंस, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण तथा जनजातीय स्वास्थ्य के क्षेत्रों में होने वाले नवाचारों को एक नई दिशा और पहचान मिलेगी। ये सभी केंद्र देश की आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप उच्चस्तरीय अनुसंधान क्षमताओं के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 51 पदकों से मेधावी हुए सम्मानित
इस दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 1,364 मेधावी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक सफलता के लिए उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें विभिन्न संकायों के स्नातक (अंडरग्रेजुएट) पाठ्यक्रमों के 976, स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) पाठ्यक्रमों के 283 और पीएचडी के 105 शोधार्थी शामिल रहे।
संस्थान के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को कुल 51 प्रतिष्ठित पदक प्रदान किए गए। इनमें 25 स्वर्ण पदक, 25 रजत पदक और 1 विशेष संस्थान स्वर्ण पदक शामिल है।
विशेष उपलब्धि के रूप में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की मेधावी छात्रा आत्मिका गांगेली को उनकी उत्कृष्ट और अद्वितीय शैक्षणिक उपलब्धि के लिए दीक्षांत समारोह के ‘ओवरऑल टॉपर’ के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।
आधुनिक तकनीक के साथ बुनियादी ज्ञान भी उतना ही आवश्यक : डॉ. सुरेश हावरे
समारोह की अध्यक्षता करते हुए एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल औपचारिक रूप से उपाधि प्राप्त करने का अवसर भर नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थी के जीवन की एक नई, बड़ी और जिम्मेदार यात्रा की वास्तविक शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्राप्त करने वाले सभी युवा केवल कागजी डिग्रीधारक नहीं हैं, बल्कि वे देश के भावी इंजीनियर, दूरदर्शी उद्यमी, महान वैज्ञानिक और कुशल नेतृत्वकर्ता हैं। राष्ट्र के भविष्य को एक नई और उन्नत दिशा देने की यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी अब इस युवा पीढ़ी के कंधों पर आ गई है।
डॉ. हावरे ने मुख्य अतिथि जी. किशन रेड्डी की संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि एक साधारण किसान परिवार से निकलकर सार्वजनिक जीवन में लगातार शीर्ष सफलता प्राप्त करना आज के युवाओं के लिए बहुत बड़ा प्रेरणा स्रोत है।
उन्होंने वर्तमान तकनीकी युग पर बात करते हुए कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और ऑटोमेशन का दौर है, लेकिन यह भी सत्य है कि आधुनिक तकनीक को समझने और अपनाने के लिए मूलभूत वैज्ञानिक एवं तकनीकी सिद्धांतों की गहरी समझ होना भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों को नई-नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ अपने मूल विषयों के ज्ञान को भी निरंतर मजबूत करते रहना चाहिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से पूरे आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने तथा अपने कार्यों से संस्थान और पूरे देश का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया।
महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में देश बने पूरी तरह आत्मनिर्भर : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की आत्मीय शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार किसी भी मानव समाज तथा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए सबसे बुनियादी आवश्यकता हैं। उन्होंने एनआईटी रायपुर में एक साथ सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि आज भी हमारा देश कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में देश के तकनीकी संस्थानों की यह मुख्य जिम्मेदारी है कि वे देश के भीतर ही इन खनिजों की खोज, पहचान और उनके प्रभावी उपयोग के लिए नवीन एवं स्वदेशी तकनीक विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य करें।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज तेजी से बदलती हुई वैश्विक दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण और ताकतवर तकनीक बन चुकी है। विद्यार्थियों को इसका गहन ज्ञान प्राप्त कर इसका उपयोग पूरी तरह से राष्ट्रहित में करना चाहिए, ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर सके।
कोयले की मूल्य श्रृंखला को नई तकनीक से अधिक उपयोगी बनाने की जरूरत : डॉ. एन. कलैसेल्वी
विशिष्ट अतिथि डॉ. एन. कलैसेल्वी ने एनआईटी रायपुर में इंजीनियरिंग और तकनीक के विभिन्न विविध विषयों में प्रदान की जा रही उच्चस्तरीय शिक्षा की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से धातुकर्म (मेटलर्जी) और ऊर्जा के क्षेत्र में अनुसंधान की असीम संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कोयले को एक अत्यंत मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन बताते हुए कहा कि हमारे देश में इसका विशाल भंडार प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन इसके वास्तविक आर्थिक और तकनीकी मूल्य का पूरा उपयोग अभी किया जाना बाकी है। आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के माध्यम से कोयले की इस पूरी मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) को और अधिक उपयोगी, पर्यावरण अनुकूल और मूल्यवान बनाया जा सकता है।
डॉ. कलैसेल्वी ने धातुकर्म के क्षेत्र में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की सराहना करते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन मुक्त (कार्बन-फ्री) तकनीकों के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे जीवन में जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, उन्हें यह अहसास होगा कि उनके शिक्षकों और इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ने उनके भविष्य को सही और मजबूत आकार देने में कितनी अहम भूमिका निभाई है।
एनआईटी रायपुर को मिले 821 प्लेसमेंट ऑफर, सर्वोच्च पैकेज 60 लाख रुपये
एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव ने अपने स्वागत उद्बोधन के साथ संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पूरी तन्मयता के साथ प्रस्तुत की। उन्होंने शिक्षा, उच्चस्तरीय अनुसंधान, नवाचार, वैश्विक रैंकिंग और शानदार प्लेसमेंट के क्षेत्र में संस्थान की अब तक की शानदार उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि एनआईटी रायपुर के ‘सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE)’ को अब औपचारिक रूप से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके अलावा, संस्थान ने प्रतिष्ठित ‘टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027’ में 1201 से 1400 के उत्कृष्ट रैंकिंग समूह में अपना स्थान सुरक्षित किया है।
प्रो. रमण राव ने यह भी साझा किया कि एनआईटी रायपुर के ‘एनआईटीआरआरएफआईई’ को प्रतिष्ठित ‘भारत इनक्यूबेटर अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित किया गया है। वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2026 के लिए संस्थान के विद्यार्थियों को कुल 821 बेहतरीन प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त हुए हैं, जिनमें इस वर्ष का सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 60 लाख रुपये तक रहा है।
शोध और अकादमिक उत्कृष्टता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और 4 मेधावी विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में जगह मिली है, जो संस्थान के लिए बहुत गौरव की बात है। अपने उद्बोधन के अंत में प्रो. रमण राव ने सभी विद्यार्थियों को जीवनभर एक छात्र की तरह सीखते रहने, नवीनतम तकनीकों के साथ खुद को हमेशा अपडेट रखने और अपने मातृ संस्थान से आजीवन जुड़े रहने का संदेश दिया।
राष्ट्रगान के साथ हुआ गरिमामयी समारोह का सफलतापूर्वक समापन
दीक्षांत समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर आदरपूर्वक पदक प्रदान किए गए तथा स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर उपाधियां बांटी गईं। समारोह के अंत में पधारे सभी मुख्य अतिथियों को संस्थान की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया गया। अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन कर इस ऐतिहासिक और गरिमामयी दीक्षांत समारोह के सफलतापूर्वक संपन्न होने की घोषणा की गई।
एनआईटी रायपुर का यह 17वां दीक्षांत समारोह जहां एक ओर उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए उनकी कड़ी मेहनत की सफलता और नए संकल्पों का पावन अवसर साबित हुआ, वहीं परिसर में एक साथ सात नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत ने संस्थान को विज्ञान, उच्च अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर एक नई ऊंचाई प्रदान करते हुए भविष्य के अनगिनत नए रास्ते खोल दिए हैं।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
