जनता सिर्फ टैक्स देने के लिए नहीं, बेहतर सुविधाएं देना भी निगम की जिम्मेदारी : महापौर

0
IMG-20260919-WA1011

यूजर चार्ज में किस नियम से ब्याज लिया जा रहा? अधिकारियों से मांगा जवाब; बिना नल कनेक्शन वाले भवनों को जलकर का डिमांड नहीं भेजने के निर्देश

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने राजस्व वसूली को लेकर निगम अधिकारियों को नियमों का पालन करने और कर निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल राजस्व वसूलना नहीं है, बल्कि शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी निगम की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व बढ़ाने की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप होनी चाहिए और किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

महापौर ने शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में राजस्व विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में एमआईसी सदस्य अवतार सिंह बागल सहित सभी जोनों के राजस्व अधिकारी, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में कर निर्धारण, बकाया राजस्व, पार्ट-पेमेंट, भवन पूर्णता प्रमाणपत्र, विभिन्न कॉलोनियों में कर वसूली और निगम की लीज संपत्तियों से जुड़े प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई।

NTPC World Environment Day

यूजर चार्ज में ब्याज को लेकर मांगा जवाब

समीक्षा बैठक में यूजर चार्ज और जलकर से संबंधित मामलों पर महापौर ने अधिकारियों से नियमों की जानकारी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलकर एवं यूजर चार्ज पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि यूजर चार्ज में किस नियम के तहत ब्याज लिया जा रहा है। अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्टता के साथ नियमों के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

महापौर ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को पहले संबंधित अधिनियम, नियम और प्रावधानों की जानकारी स्पष्ट रूप से होनी चाहिए, इसके बाद ही करारोपण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने कर निर्धारण का आधार आम जनता के सामने सार्वजनिक करने पर भी जोर दिया, ताकि नागरिकों को यह जानकारी रहे कि उनसे किस आधार पर कर अथवा शुल्क लिया जा रहा है।

बिना नल कनेक्शन वालों को जलकर का डिमांड नहीं

बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आने पर कि कुछ ऐसे भवनों से भी जलकर लिया जा रहा है, जहां नल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, महापौर ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन भवनों में नल कनेक्शन नहीं है, उन्हें जलकर का डिमांड भेजकर परेशान नहीं किया जाए।

महापौर ने कहा कि निगम का राजस्व बढ़ाना जरूरी है, लेकिन यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से मौके की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही कर निर्धारण करने को कहा।

पार्ट-पेमेंट व्यवस्था सरल बनाने के निर्देश

महापौर ने बकाया राजस्व की वसूली और पार्ट-पेमेंट व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बकाया राशि के पार्ट-पेमेंट की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो। ऑनलाइन भुगतान पोर्टल पर नियमानुसार पार्ट-पेमेंट की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया।

लीज अवधि समाप्त संपत्तियों का पहले होगा नवीनीकरण

नगर निगम की लीज पर दी गई संपत्तियों की समीक्षा करते हुए महापौर ने उन संपत्तियों के प्रकरणों को भी देखा, जिनकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में पहले नियमानुसार लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

महापौर ने कहा कि लीज अवधि समाप्त हो चुकी संपत्तियों के नवीनीकरण से संबंधित प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जाए।

कॉलोनियों के हैंडओवर की होगी फाइलवार जांच

बैठक में विभिन्न कॉलोनियों में कर वसूली से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। महापौर ने ऐसी कॉलोनियों की फाइलवार जांच करने के निर्देश दिए, जिनका नगर निगम को विधिवत हैंडओवर हुआ है अथवा नहीं हुआ है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कॉलोनी में हैंडओवर की स्थिति, नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नागरिक सुविधाओं तथा कर निर्धारण एवं वसूली के आधार को स्पष्ट किया जाए। इसके साथ ही डायवर्सन की तिथि से कर निर्धारण की प्रक्रिया को नियमानुसार लागू करने के निर्देश दिए गए।

नियम सभी के लिए समान

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राजस्व संबंधी सभी प्रकरणों में नियमों का समान रूप से पालन किया जाए। दस्तावेज, संबंधित नियम और मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही कर निर्धारण एवं अन्य निर्णय लिए जाएं। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनका समय-सीमा में निराकरण करने को कहा।

उन्होंने कहा कि कर एवं शुल्क से संबंधित नियम और स्लैब की जानकारी नागरिकों को सरल भाषा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि लोगों को अपने ऊपर लगाए गए कर की जानकारी आसानी से मिल सके।

“राजस्व बढ़ाना है, लेकिन गलत तरीके से नहीं”

महापौर मीनल चौबे ने बैठक में स्पष्ट कहा कि “नगर निगम का कार्य केवल कर वसूलना नहीं है। जनता को बेहतर सड़क, पानी, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी हमारी जिम्मेदारी है। राजस्व बढ़ाना है, लेकिन गलत तरीके से नहीं।”

उन्होंने कहा कि निगम की राजस्व व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए और नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में अधिकारियों को नियम आधारित कर निर्धारण, पारदर्शी वसूली और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

महापौर ने कहा कि पारदर्शी राजस्व व्यवस्था और बेहतर जनसुविधाएं नगर निगम की प्राथमिकता हैं। इसके लिए सभी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों के अनुरूप जवाबदेही के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
error: Content is protected !!