मस्तूरी की जर्जर सड़कों को लेकर जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत ने खोला मोर्चा

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

एक माह में प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली तो भूख हड़ताल की चेतावनी, तीन प्रमुख पहुंच मार्गों के निर्माण की मांग

मस्तूरी/बिलासपुर । मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में लंबे समय से जर्जर पड़े सड़कों के निर्माण और मरम्मत की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 12 दामोदर कांत ने क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए संबंधित मार्गों के लिए जल्द प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की मांग की है।

दामोदर कांत ने इस संबंध में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 22 सितंबर को संबंधित कार्यालयों में पत्र सौंपकर सड़क निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति की मांग उठाई।

इन तीन सड़कों के निर्माण की उठाई मांग

जिला पंचायत सदस्य द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मस्तूरी क्षेत्र के तीन प्रमुख पहुंच मार्गों को शामिल किया गया है। इनमें—

  • ग्राम लावर से गिधपुरी पहुंच मार्ग
  • ग्राम केवतरा से चिल्हाटी पहुंच मार्ग
  • ग्राम बकरकुदा से मटिया पहुंच मार्ग

शामिल हैं।

दामोदर कांत का कहना है कि उक्त मार्ग कई वर्षों से खराब स्थिति में हैं। सड़कों पर जगह-जगह खराब सतह और आवागमन संबंधी परेशानियों के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवागमन में परेशानी होने के साथ-साथ स्कूली छात्र-छात्राओं को भी आवाजाही में कठिनाई होने की बात कही गई है।

ज्ञापन में सड़क निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति जल्द जारी करने की मांग करते हुए क्षेत्र की आवागमन व्यवस्था को सुगम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

एक माह का अल्टीमेटम, भूख हड़ताल की चेतावनी

दामोदर कांत ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखते हुए कहा है कि यदि एक माह के भीतर इन सड़कों के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलती है, तो वे भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।

उन्होंने कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का सीधा संबंध ग्रामीणों के दैनिक जीवन से है। खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए मामले में शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।

अन्य प्रमुख मार्गों को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी

इधर ग्रामीणों ने पचपेड़ी मार्ग से भरारी-केवटाडीह-टांगर सहित क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण मार्गों की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन मार्गों की समस्याओं को लेकर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से सड़क, पानी, शिक्षा और आवागमन जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने की मांग की है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की सक्रियता कई बार केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित रह जाती है। हालांकि यह ग्रामीणों का आरोप है और संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष इस संबंध में सामने नहीं आया है।

सड़क निर्माण को लेकर आगे बढ़ा मुद्दा

मस्तूरी क्षेत्र में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे पहले भी उठते रहे हैं। क्षेत्र में विभिन्न सड़क, पुल-पुलिया और सिंचाई कार्यों को लेकर पूर्व में बजट एवं निर्माण प्रस्तावों से संबंधित रिपोर्टें भी सामने आई हैं।

अब जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत द्वारा तीन प्रमुख पहुंच मार्गों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति की मांग और एक माह के भीतर निर्णय नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दिए जाने से यह मुद्दा प्रशासन के सामने एक बार फिर प्रमुखता से आया है। आगामी दिनों में प्रशासन की ओर से इन मार्गों के संबंध में क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर ग्रामीणों की नजर रहेगी।

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