बस्तर बाढ़ आपदा में पीड़ितों को 9.39 करोड़ रुपए से अधिक की राहत राशि का त्वरित भुगतान, पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी

0
image_search_1791390589661

रायपुर । बस्तर अंचल में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश और ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांधों से छोड़े गए पानी के चलते उत्पन्न भीषण बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा है। आपदा से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से अब तक कुल 9 करोड़ 39 लाख 29 हजार 898 रुपए की राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वित्तीय सहायता में सबसे बड़ा हिस्सा मकानों की क्षतिपूर्ति के रूप में दिया गया है, जिसके तहत कुल 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार 398 रुपए वितरित किए गए हैं। इसमें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 8 करोड़ 2 लाख 23 हजार 391 रुपए तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 75 लाख 92 हजार 7 रुपए की सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त घरों में रखे बर्तन व अन्य घरेलू सामग्रियों के नुकसान के एवज में प्रभावितों को 52 लाख 45 हजार रुपये, जनहानि के मामलों में आश्रितों को 8 लाख रुपये का मुआवजा और पशुहानि के मामलों में 69 हजार 500 रुपये की राहत राशि का त्वरित भुगतान किया गया है।

राज्य शासन के संवेदनशील निर्देशों के तहत राजस्व अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों ने दिन-रात सक्रिय होकर प्रकरणों का तेजी से निराकरण सुनिश्चित किया, जिससे इतनी बड़ी धनराशि का त्वरित वितरण संभव हो सका। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि पूर्ण एवं आंशिक मकान क्षति के जितने भी शेष मामले लंबित हैं, उन्हें भी बिना किसी विलंब के प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार शासन की मदद से वंचित न रहे। वित्तीय सहायता के साथ-साथ जमीनी स्तर पर पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रयास भी तेज गति से संचालित किए जा रहे हैं। जिन परिवारों के आशियाने पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, उनके तात्कालिक आश्रय हेतु प्रशासन द्वारा बांस, बल्ली और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्रियां त्वरित रूप से पहुंचाई जा रही हैं। वहीं जलभराव के बाद संक्रामक और जलजनित बीमारियों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर सभी पेयजल स्रोतों का अनिवार्य क्लोरीनेशन कर रहे हैं और गांवों में लगातार ब्लीचिंग पाउडर का सघन छिड़काव किया जा रहा है। बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा स्वयं लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व राहत शिविरों का निरीक्षण कर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, और प्रशासन का संकल्प है कि अंतिम पीड़ित व्यक्ति तक सहायता पहुंचने तक यह राहत अभियान निरंतर जारी रहेगा।

NTPC World Environment Day

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!