डॉ. सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में निकली भव्य चुनरी यात्रा, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
लाठेश्वरनाथ मंदिर मस्तूरी से महामाया मंदिर पेण्ड्री तक निकली पदयात्रा, मातृशक्ति ने भजन-कीर्तन के साथ दिया सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश

बिलासपुर । धर्म जागरण समन्वय मातृशक्ति बिलासपुर महानगर के तत्वावधान में मंगलवार को मां शक्ति की आराधना, सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक एकता के उद्देश्य से भव्य चुनरी यात्रा का आयोजन किया गया। बिलासपुर जिला संयोजिका डॉ. सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। लाल चुनरी हाथों में लेकर पारंपरिक गीतों और भजनों के साथ निकली महिलाओं की पदयात्रा ने पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।


यह चुनरी यात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से समाज में एकता, समरसता, शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश भी दिया गया। आयोजन में शामिल मातृशक्ति ने मां शक्ति के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए सनातन परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।
लाठेश्वरनाथ मंदिर से महामाया मंदिर तक निकली यात्रा
चुनरी यात्रा का शुभारंभ सुबह 10 बजे मस्तूरी स्थित लाठेश्वरनाथ मंदिर से हुआ। धार्मिक आस्था और उत्साह के बीच यात्रा महामाया मंदिर, पेण्ड्री, बिलासपुर के लिए रवाना हुई। सुबह से शुरू हुई यह पदयात्रा शाम 5 बजे तक चली। यात्रा में शामिल महिलाएं हाथों में लाल चुनरी लेकर पारंपरिक वेशभूषा और भक्ति भाव के साथ आगे बढ़ीं। इस दौरान धार्मिक गीतों, भजनों और मां शक्ति के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मातृशक्ति की बड़ी भागीदारी और लोगों के उत्साह ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। यात्रा के माध्यम से धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था व्यक्त करने के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया गया।

डॉ. सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में मातृशक्ति की सहभागिता
बिलासपुर जिला संयोजिका डॉ. सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित इस चुनरी यात्रा में मातृशक्ति ने सक्रिय भूमिका निभाई। धर्म जागरण समन्वय मातृशक्ति बिलासपुर महानगर के इस आयोजन में महिलाओं की सहभागिता ने धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
आयोजन का उद्देश्य मां शक्ति की पूजा-अर्चना के साथ समाज में एकता, शक्ति और समृद्धि की मंगलकामना करना रहा। साथ ही, सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी समाजजनों को एक सूत्र में जोड़ने तथा आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
सनातन संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश

आयोजकों के अनुसार, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने का माध्यम हैं। चुनरी यात्रा के जरिए सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और सामाजिक एकजुटता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। मां शक्ति की आराधना के साथ समाज और परिवारों में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना भी की गई।
यात्रा में शामिल मातृशक्ति ने भक्ति और उत्साह के साथ पदयात्रा पूरी की। जगह-जगह हुए स्वागत और पुष्पवर्षा ने आयोजन में श्रद्धा का वातावरण बनाए रखा।
प्रमुख पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस भव्य आयोजन में धर्म जागरण समन्वय की प्रांतीय सह-संयोजिका भारवि वैष्णव, बिलासपुर जिला संयोजिका डॉ. सरिता भारद्वाज और जिला सह-संयोजिका मालती केवट सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजन के समापन पर चुनरी यात्रा के माध्यम से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। डॉ. सरिता भारद्वाज के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में मातृशक्ति की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

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