विष्णु भैया की जनकल्याणकारी योजना बनी सहारा, पूजा पटेल को बच्चे की बेहतर देखभाल के लिए मिला आर्थिक संबल
मिनीमाता महतारी जतन योजना से पूजा पटेल को मिली 20 हजार रुपये की सहायता, बच्चे के पौष्टिक आहार की जरूरतें पूरी करने में मिल रही मदद
रायपुर । एक मां के लिए अपने बच्चे का बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और उज्ज्वल भविष्य सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार जरूरतमंद परिवारों के लिए बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु कल्याण की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हो रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सारबहरा की निवासी पूजा पटेल भी इसी योजना से लाभान्वित हुई हैं। श्रम विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके लिए एक बहुत बड़ी राहत बनकर आई है, और इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चे के पौष्टिक आहार तथा बेहतर देखभाल के लिए कर रही हैं।

20 हजार रुपये की सहायता से बच्चे के बेहतर पोषण की राह हुई आसान
ग्राम सारबहरा निवासी पूजा पटेल के लिए ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख माध्यम बनी है। श्रम विभाग के माध्यम से योजना के अंतर्गत प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि से उन्हें अपने बच्चे की पोषण संबंधी सभी आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने में मदद मिल रही है। इस आर्थिक सहयोग से वे अपने बच्चे के लिए नियमित रूप से पौष्टिक आहार की व्यवस्था कर पा रही हैं।
बच्चे के शुरुआती जीवन में उचित पोषण और विशेष देखभाल उसके स्वस्थ शारीरिक व मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक होती है। ऐसे संवेदनशील समय में शासन से मिली यह आर्थिक सहायता पूजा पटेल के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
मातृत्व की जिम्मेदारियों में संबल बन रही महतारी जतन योजना
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ का मुख्य उद्देश्य पात्र पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व काल के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से मिलने वाली यह सहायता राशि माताओं को प्रसव के बाद अपनी तथा नवजात शिशु की उचित देखभाल और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में संबल प्रदान करती है।
विशेष रूप से सीमित आर्थिक संसाधनों वाले श्रमिक परिवारों के लिए यह सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मातृत्व के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और बच्चे की देखभाल के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होती है, ऐसे में योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि परिवारों की वित्तीय परेशानियों को काफी हद तक कम करने में सहायक बनती है।
पूजा पटेल के चेहरे पर आई खुशी
पूजा पटेल ने बताया कि ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ के अंतर्गत मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि उनके लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से उन्हें अपने बच्चे के पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने में बड़ा आर्थिक सहयोग मिला है, जिससे वे बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण पर बेहतर ढंग से ध्यान दे पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की इस योजना से उन्हें मातृत्व की जिम्मेदारियों को निभाने में बड़ा आर्थिक सहारा मिला है। उन्होंने इस सहायता के लिए छत्तीसगढ़ शासन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मातृ एवं शिशु कल्याण की दिशा में सार्थक पहल
‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि जरूरतमंद माताओं और उनके बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को मजबूत सुरक्षा कवच देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की पूजा पटेल की यह कहानी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक और जमीनी प्रभाव को पूरी तरह दर्शाती है।

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