छत्तीसगढ़ में सौर क्रांति: 1500 का बिजली बिल ‘शून्य’,

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अब छत से ही हर महीने हो रही 5 हजार रूपए की अतिरिक्त कमाई

रायपुर । छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' केवल मुफ़्त रोशनी ही नहीं फैला रही, बल्कि ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण का नया जरिया भी बन रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छिंद गांव निवासी लोकनाथ साव की कहानी इस हरित बदलाव की एक मिसाल है।

​कभी हर महीने बिजली के बिल से परेशान रहने वाले लोकनाथ आज न केवल शून्य बिजली बिल का आनंद ले रहे हैं, बल्कि अपनी छत से बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर रहे हैं।

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​योजना से बदलाव का सफर​समस्या से समाधान सितंबर 2025 से पहले लोकनाथ साव को हर महीने लगभग 1,500 रुपये बिजली का बिल भरना पड़ता था, जो उनके घरेलू बजट पर एक बड़ा बोझ था। सारंगढ़ में एक शासकीय बैठक के दौरान योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाने का निर्णय लिया। सौर ऊर्जा अपनाते ही उनके बिजली बिल में भारी गिरावट आई और आज उनका मासिक बिजली बिल घटकर पूरी तरह 'शून्य' हो चुका है।

​बचत के साथ-साथ कमाई का जरिया ​प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने लोकनाथ साव के परिवार को सिर्फ बचत ही नहीं दी, बल्कि आय का नया स्रोत भी प्रदान किया। श्री लोकनाथ साव कहते है कि अप्रैल महीने में मेरी छत पर लगे सोलर पैनल से लगभग 1,000 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। घरेलू उपयोग के बाद बची हुई बिजली से मुझे करीब 5 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। जिस बिजली के लिए पहले पैसे चुकाने पड़ते थे, आज वही बिजली घर के लिए कमाई का जरिया बन गई है।

​पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता ​अपनी सफलता से उत्साहित होकर लोकनाथ अब अपने गांव और आसपास के लोगों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि खाली छत का सही इस्तेमाल करके हर परिवार बिजली बिल से मुक्ति पा सकता है और स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकता है। ​इस दूरदर्शी और जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से ग्रामीण जीवन को सुगम व समृद्ध बनाने के लिए लोकनाथ साव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

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