धमतरी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ नगरी महाविद्यालय के युवाओं को दी गई बाल अधिकारों, साइबर सुरक्षा व ‘1098’ हेल्पलाइन की जानकारी
रायपुर । सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा आपातकालीन सहायता सेवाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को बच्चों से जुड़े अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा या अपराध की स्थिति में तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न संवेदनशील विषयों की जानकारी सरल और व्यावहारिक तरीके से दी गई।

बाल अधिकारों और कानूनों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में परियोजना समन्वयक ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और उनसे संबंधित कानूनों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को साइबर अपराध, बाल शोषण, लैंगिक हिंसा, बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है। युवाओं से अपील की गई कि वे अपने आसपास होने वाली ऐसी गतिविधियों के प्रति सजग रहें, जिनसे बच्चों की सुरक्षा और अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
साइबर सुरक्षा को लेकर किया जागरूक
कार्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाए रखें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, दस्तावेज अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
युवाओं को साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर उचित माध्यम से इसकी सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया गया। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की आवश्यकता बताई गई।
बाल संरक्षण से जुड़े प्रमुख कानूनों की जानकारी
इसके साथ ही विद्यार्थियों को बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए बनाए गए प्रमुख कानूनों के बारे में भी जानकारी दी गई। इनमें पॉक्सो (POCSO) एक्ट 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के मुख्य प्रावधानों से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान इन कानूनों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करने की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी बच्चे के साथ होने वाले शोषण या हिंसा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
1098 और 112 हेल्पलाइन की भूमिका बताई
कार्यक्रम में 24 घंटे संचालित निःशुल्क आपातकालीन चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के शोषण या हिंसा को देखकर चुप न रहें, बल्कि तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को बच्चों से जुड़ी आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता और संरक्षण के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में बताया गया। विद्यार्थियों को आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
नशे के दुष्प्रभावों और बाल देखरेख संस्थाओं की जानकारी
इस अवसर पर नशे के दुष्प्रभावों को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। युवाओं को नशे से दूर रहने और इसके सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्प्रभावों के प्रति सजग रहने की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की गई।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहे उपस्थित
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर, जिला महिला संरक्षण अधिकारी, मिशन शक्ति समन्वयक, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, साइबर सुरक्षा, बाल संरक्षण और आपातकालीन सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
