शासकीय खाते से 26.87 लाख के अनाधिकृत लेन-देन का मामला, बैंक लिपिक गिरफ्तार
पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के खाते से सात बार हुआ ट्रांजेक्शन, सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा
मुंगेली। शासकीय राशि से जुड़े बैंक खाते से लाखों रुपए के अनाधिकृत लेन-देन के मामले में सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बैंक लिपिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मुंगेली स्थित शासकीय खाते से विभिन्न खातों में कुल 26 लाख 87 हजार रुपए के अनाधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए थे। मामले में पुलिस ने आरोपी टिकेश कुमार, निवासी ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर, हाल पता रायपुर, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच कलेक्टर मुंगेली के आदेश के आधार पर शुरू हुई थी। दिनांक 7 अगस्त 2026 को जारी आदेश के माध्यम से पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से संबंधित अनाधिकृत लेन-देन की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश प्राप्त हुए थे। इसके बाद सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों एवं प्रारंभिक जांच के आधार पर अपराध क्रमांक 253/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की।

सात बार हुआ अनाधिकृत ट्रांजेक्शन
पुलिस के मुताबिक विवेचना के दौरान बैंक खाते के ट्रांजेक्शन विवरण, बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान सामने आया कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के उक्त शासकीय खाते से कुल सात बार अनाधिकृत लेन-देन किया गया। इन ट्रांजेक्शनों के माध्यम से कुल 26,87,000 रुपए की राशि का आहरण एवं पुनः जमा किए जाने का मामला सामने आया।

पुलिस जांच के अनुसार 30 सितंबर 2025 को उक्त शासकीय खाते से आरोपी टिकेश कुमार के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8.50 लाख रुपए स्थानांतरित किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में क्रमशः 9.19 लाख रुपए और 9.18 लाख रुपए का अंतरण किया गया। इस प्रकार कुल 26.87 लाख रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने बताया कि इनमें से 1.61 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि शासन के खाते में वापस हो गई थी। मामले में बैंकिंग रिकॉर्ड और सीबीएस प्रणाली में उपलब्ध विवरण का भी परीक्षण किया गया।
बैंक में लिपिक के पद पर था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी टिकेश कुमार 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मुंगेली में लिपिक के पद पर पदस्थ था। बैंक प्रबंधन द्वारा उसे ग्राहक केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन, एनईएफटी/आरटीजीएस तथा राशि अंतरण सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पुलिस के अनुसार बैंक मैनेजर के निर्देश पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के बंद शासकीय खाते को पुनः सक्रिय कराया गया था। विवेचना के दौरान आरोपी से पूछताछ तथा बैंकिंग रिकॉर्ड के परीक्षण में उसकी भूमिका प्रथमदृष्टया सामने आने की बात पुलिस ने कही है।
धारा 316(5) बीएनएस जोड़ी गई
प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 253/2026 में धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था। विवेचना के दौरान उपलब्ध बैंकिंग दस्तावेजों, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, सीबीएस प्रणाली में दर्ज विवरण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका प्रथमदृष्टया पाए जाने पर धारा 316(5) बीएनएस भी जोड़ी गई।
पुलिस के अनुसार पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद टिकेश कुमार को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 24 सितंबर 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है तथा अनाधिकृत लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जांच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भापुसे) के निर्देशन में मामले की जांच की गई। पुलिस के अनुसार उन्होंने शासकीय राशि से संबंधित अनाधिकृत लेन-देन की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच करने, बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण करने तथा मामले में संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका का साक्ष्यों के आधार पर परीक्षण कर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने बैंक खाते, ट्रांजेक्शन विवरण, संबंधित बैंक खातों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की।
इनकी रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली के निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सउनि ईश्वर सिंह राजपूत तथा आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की अहम भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण में बैंकिंग दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।

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