सेवा संकल्प अभियान : खर्राघाट में 29.99 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन

0
Screenshot_20260924_144723

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान, केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

केलो तट के स्थायी विकास की बड़ी पहल, 8.50 एकड़ में बनेगा ऑक्सीजोन

शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प, पाथवे, घाट, हरित क्षेत्र और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी विकसित

रायपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत रायगढ़ में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहरी अधोसंरचना विकास को एक साथ जोड़ते हुए केलो नदी तट के स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने गुरुवार को खर्राघाट में 29.99 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों के साथ स्वच्छता अभियान में स्वयं श्रमदान कर जनभागीदारी का संदेश दिया।

परियोजना के तहत शनि मंदिर से खर्राघाट तक करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही खर्राघाट में लगभग 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में नदी तट के सौंदर्यीकरण के साथ सड़क, नाली, पाथवे, घाट, हरित क्षेत्र, पार्किंग और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को विकसित करने की योजना है।

स्वच्छता अभियान में श्रमदान कर दिया जनभागीदारी का संदेश

‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत खर्राघाट और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वयं श्रमदान करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से केलो नदी, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया।

NTPC World Environment Day

अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों और नागरिकों ने मिलकर स्वच्छता गतिविधियों में भाग लिया। इससे स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।

केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर नदी को नमन किया। उन्होंने कहा कि केलो नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि रायगढ़ की पहचान, आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। इसी भावना के साथ नदी और इसके तटों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए स्थायी विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केलो नदी तट के विकास से नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होंगे और नदी से जुड़े क्षेत्रों का सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

खर्राघाट बनेगा हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन का नया केंद्र

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि खर्राघाट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ऐसा सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा, जहां नागरिकों को प्रकृति के बीच बेहतर वातावरण के साथ स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं भी मिल सकें।

यहां ऑक्सीजोन, सुव्यवस्थित घाट, पैदल पथ, व्यायाम की सुविधाएं तथा मॉर्निंग और नाइट वॉक के लिए बेहतर स्थान विकसित किए जाएंगे। परिवारों के साथ समय बिताने के लिए भी सुविधाजनक सार्वजनिक क्षेत्र तैयार होगा।

उन्होंने बताया कि खर्राघाट से शनि मंदिर की दिशा में आगे मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में केलो नदी तट का सुव्यवस्थित और चरणबद्ध विकास हो सकेगा।

शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प

परियोजना के अंतर्गत शनि मंदिर से खर्राघाट पुल तक करीब 2 किलोमीटर सड़क का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क के साथ नाली निर्माण, पैदल पथ और नदी तट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

पचरी घाट का नवीनीकरण एवं सुधार किया जाएगा तथा घाट को पाथवे से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग विकसित किया जाएगा। शनि मंदिर के पास तिराहे का चौड़ीकरण कर यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा।

इस विकास कार्य के पूरा होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में आवागमन की सुविधा के साथ नागरिकों के लिए पैदल भ्रमण और सार्वजनिक गतिविधियों के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

8.50 एकड़ में विकसित होगा ऑक्सीजोन

खर्राघाट में करीब 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा। यहां सघन पौधरोपण के साथ पार्किंग, पाथवे, घाट तथा व्यायाम और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ऑक्सीजोन और घाट के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा पुल के नीचे अंडरपास यानी बॉक्स कल्वर्ट भी बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गार्डन और ऑक्सीजोन विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आने वाले पांच वर्षों में रायगढ़ में 10 से अधिक ऑक्सीजोन विकसित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि खर्राघाट का ऑक्सीजोन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

29.99 करोड़ की स्वीकृति, दो वर्ष में पूरा होगा कार्य

परियोजना के लिए सीएसआर मद से 29.99 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्य की अनुबंधित राशि 26.39 करोड़ रुपये है। इसका कार्यादेश 24 जून 2026 को जारी किया गया है और कार्य को दो वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना है।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रयास होगा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा कर नागरिकों को समर्पित किया जाए। परियोजना के तहत नदी तट, सड़क, घाट और हरित क्षेत्र सहित विभिन्न विकास कार्यों को एकीकृत रूप से पूरा किया जाएगा।

जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों को बताया महत्वपूर्ण पहल

लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और विकास को जनभागीदारी से जोड़ा जा रहा है। खर्राघाट में श्रमदान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत इसका उदाहरण है। केलो नदी और इसके घाट रायगढ़ की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके विकास से शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने रायगढ़ में हरित क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऑक्सीजोन और अन्य हरित क्षेत्रों के विकास से नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि खर्राघाट रायगढ़ के प्रमुख नदी तटों में शामिल है। यहां स्वच्छता अभियान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। परियोजना पूरी होने पर नागरिकों को बेहतर घाट, हरित क्षेत्र, पैदल भ्रमण तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी।

‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी भी लगाई गई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया।

उन्होंने स्थानीय उत्पादों, गतिविधियों और उनसे जुड़े प्रयासों की जानकारी ली। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार सामग्री और स्थानीय गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर सभापति डिग्रीलाल साहू, सुभाष पाण्डेय, मनीष कंकरवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!