सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी: रंग-बिरंगी दीवारों से आंगनबाड़ी बना बच्चों की पसंदीदा जगह, बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति
मॉडल आंगनबाड़ी में बाल-अनुकूल माहौल के साथ मिल रहा पोषण और प्रारंभिक सीखने का बेहतर वातावरण

आकर्षक चित्रों से सीखने की बढ़ी उत्सुकता, नियमित रूप से केंद्र की गतिविधियों से जुड़ रहे बच्चे

अड़हापारा रिखी का मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र दिखा रहा बेहतर अधोसंरचना और पोषण सेवाओं का सकारात्मक असर
रायपुर । आंगनबाड़ी केंद्र की रंग-बिरंगी दीवारों पर बने आकर्षक चित्र नौनिहालों के लिए केवल सजावट नहीं, बल्कि केंद्र से जुड़ने और सीखने का माध्यम भी बन रहे हैं। बेहतर भवन, बाल-अनुकूल वातावरण और नियमित पौष्टिक आहार की सुविधा ने उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत अड़हापारा रिखी के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर बदल दी है। नए केंद्र के आकर्षक परिवेश से बच्चों में आंगनबाड़ी आने का उत्साह बढ़ा है और पहले की तुलना में उनकी उपस्थिति में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ बच्चों की रुचि के अनुरूप वातावरण विकसित करने से पोषण, देखभाल और प्रारंभिक सीखने की सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
रंग-बिरंगे चित्रों ने आंगनबाड़ी से बढ़ाया बच्चों का जुड़ाव
केंद्र की सहायिका वंदना सिंह बताती हैं कि नया मॉडल आंगनबाड़ी भवन बनने के बाद यहां का वातावरण पहले की तुलना में अधिक आकर्षक और बच्चों के अनुकूल हुआ है। दीवारों पर बनाए गए रंग-बिरंगे चित्र और पेंटिंग छोटे बच्चों का ध्यान सहज रूप से अपनी ओर खींचते हैं। बच्चे इन चित्रों को उत्सुकता से देखते हैं और इनके माध्यम से आसपास की चीजों को पहचानने और समझने का प्रयास करते हैं।
वंदना के अनुसार नए भवन और बाल-अनुकूल परिवेश का असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है। पहले की तुलना में अब अधिक बच्चे केंद्र पहुंच रहे हैं। उनमें आंगनबाड़ी आने का उत्साह बढ़ा है और वे नियमित रूप से केंद्र में संचालित गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।
पोषण के साथ प्रारंभिक सीखने का मिल रहा बेहतर माहौल
मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की रुचि और सीखने के वातावरण के साथ उनके पोषण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार बच्चों को सुबह नाश्ता दिया जाता है, जिसमें दिन के अनुसार मीठा अथवा नमकीन दलिया शामिल रहता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में वंदना सिंह बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें निर्धारित पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाती हैं। इस व्यवस्था से केंद्र बच्चों के लिए केवल देखभाल का स्थान न रहकर पोषण और प्रारंभिक सीखने के अनुकूल केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।
बेहतर सुविधा से बच्चों में बढ़ी केंद्र आने की रुचि
वंदना सिंह कहती हैं कि नए आंगनबाड़ी केंद्र से बच्चों को बेहतर वातावरण मिला है। आकर्षक भवन और रंगीन चित्रों के कारण बच्चे यहां खुशी से आते हैं और केंद्र में समय बिताने में उनकी रुचि बढ़ी है। उन्होंने नौनिहालों के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत अड़हापारा रिखी के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की यह कहानी उस बदलाव की तस्वीर पेश करती है, जहां बेहतर अधोसंरचना, बाल-अनुकूल वातावरण और पोषण सेवाओं का समन्वय बच्चों को आंगनबाड़ी से जोड़ रहा है। रंग-बिरंगी दीवारों से बढ़ी बच्चों की उत्सुकता और उपस्थिति यह दर्शाती है कि नौनिहालों के अनुकूल विकसित सुविधाएं उनके पोषण, देखभाल और प्रारंभिक सीखने की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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