नीति आयोग की महानिदेशक सुश्री निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की सराहना की

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The CEO, NITI Aayog, Smt. Nidhi Chhibber addressing at the release of report of the Second Annual Edition of the Fiscal Health Index 2026 at NITI Aayog, in New Delhi on March 11, 2026.

राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का सशक्त और स्थायी तंत्र विकसित करने में हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक, स्टेट सपोर्ट मिशन के कार्यों की हुई समीक्षा

अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए डेटा आधारित नीति निर्माण, प्रभावी मॉनिटरिंग और परिणामोन्मुखी योजनाओं पर विशेष जोर

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रायपुर । नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक सुश्री निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा नीति निर्माण, योजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने कम समय में मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने राज्य में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनके वास्तविक परिणामों के आकलन के लिए एक सशक्त एवं स्थायी निगरानी तथा मूल्यांकन तंत्र विकसित करने पर जोर देते हुए इस दिशा में DMEO, नीति आयोग की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ में आज स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने की। इस अवसर पर सचिव, योजना श्री भुवनेश यादव सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य नीति आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका : श्री गणेश शंकर मिश्रा

बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने महानिदेशक सुश्री निधि छिब्बर का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य नीति आयोग एक परामर्शदात्री एवं ज्ञान आधारित संस्था (थिंक टैंक) के रूप में प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए कार्य कर रहा है। आयोग द्वारा नीति निर्माण, योजनाओं की निगरानी, मूल्यांकन और विभागीय समन्वय के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं।

श्री मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे तथा उनके प्रभाव और परिणामों का आकलन ठोस आँकड़ों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए डेटा आधारित नीति निर्माण और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित कर रहा है।

योजनाओं के मूल्यांकन में IIM रायपुर और IIT भिलाई की विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ

सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री भुवनेश यादव ने कहा कि राज्य शासन योजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दिशा में भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता का सहयोग लिया जा रहा है। इससे योजनाओं के मूल्यांकन में आधुनिक तकनीक, शोध आधारित अध्ययन और शैक्षणिक विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन, अंजोर विजन पोर्टल पर भी कार्य जारी

बैठक में राज्य नीति आयोग की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन इकाई तथा परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न शासकीय योजनाओं के पायलट मूल्यांकन के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं। ये अध्ययन नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) द्वारा निर्धारित मूल्यांकन ढाँचे पर आधारित हैं।

राज्य में DMEO के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (OOMF) तथा डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स (DGQI) को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाया गया है। इसके अतिरिक्त नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन किए जा रहे हैं। अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी एवं समीक्षा के लिए अंजोर विजन पोर्टल विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

यूनिसेफ के सहयोग से विकसित हो रहा बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के विकास के लिए बनेगा प्रभावी आधार

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य नीति आयोग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से बाल कल्याण सूचकांक विकसित किया जा रहा है। यह देश में इस दिशा की अग्रणी पहलों में शामिल है। इस सूचकांक के माध्यम से बच्चों तक पहुँचने वाली विभिन्न सेवाओं की उपलब्धता के साथ उनके वास्तविक प्रभाव और परिणामों का भी आकलन किया जाएगा।

इस पहल से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं समग्र कल्याण से संबंधित आवश्यकताओं की पहचान करने में सहायता मिलेगी। साथ ही यह निर्धारित करने में भी मदद मिलेगी कि किन जिलों और क्षेत्रों में अधिक ध्यान एवं निवेश की आवश्यकता है। इससे बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा।

सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय डैशबोर्ड, परिणाम आधारित बजट की दिशा में पहल

बैठक में बताया गया कि राज्य नीति आयोग द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्रगति का आकलन करने के लिए राज्य एवं जिला स्तरीय फ्रेमवर्क के आधार पर प्रतिवर्ष प्रगति प्रतिवेदन जारी किए जा रहे हैं। जिलों में सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति की नियमित निगरानी के लिए विशेष डैशबोर्ड भी विकसित किया गया है।

इसके साथ ही राज्य में सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित बजट विश्लेषण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इस विश्लेषण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि शासकीय व्यय का विभिन्न सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में कितना योगदान है। इसके निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में बजट निर्माण की प्रक्रिया में सतत विकास लक्ष्यों को चरणबद्ध रूप से समाहित कर परिणाम आधारित बजट व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ की पहल सराहनीय, निगरानी एवं मूल्यांकन का स्थायी तंत्र विकसित करना आवश्यक : सुश्री निधि छिब्बर

महानिदेशक सुश्री निधि छिब्बर ने राज्य नीति आयोग द्वारा कम समय में किए गए व्यापक कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने DMEO के मूल्यांकन ढाँचों को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास किए हैं।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल उनके क्रियान्वयन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि उनका वास्तविक लाभ लक्षित हितग्राहियों तक पहुँचे और अपेक्षित परिणाम प्राप्त हों। इसके लिए राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का एक मजबूत, संस्थागत और स्थायी तंत्र विकसित किया जाना आवश्यक है।

सुश्री छिब्बर ने कहा कि प्रभावी मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन व्यवस्था से योजनाओं की प्रगति का सटीक आकलन करने, कमियों की समय पर पहचान करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए DMEO, नीति आयोग द्वारा हरसंभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाएगा।

बैठक में संचालक, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री तीर्थराज अग्रवाल सहित राज्य नीति आयोग के अधिकारी उपस्थित थे।

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