माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जारी करेंगी 200 रुपये का स्मारक सिक्का

0
IMG-20261022-WA0584

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल से संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को मिला राष्ट्रीय सम्मान, रायपुर के लोक भवन में होगा गरिमामय समारोह

रायपुर। शदाणी दरबार तीर्थ की पंचम पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जन्म जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहचान मिलने जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज रायपुर स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में माता साहिब हासी देवी के सम्मान में 200 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी करेंगी। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की विशेष पहल और निरंतर प्रयासों को इस आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इस पहल से संत परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और सिंधी समाज की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतीक थीं माता साहिब हासी देवी

माता साहिब हासी देवी का जन्म वर्ष 1826 में सिंध की धरती पर हुआ था। उन्होंने वर्ष 1852 में शदाणी दरबार की पंचम गद्दी संभाली और अपने जीवन के माध्यम से समाज को भक्ति, सदाचार, सेवा तथा लोककल्याण का संदेश दिया। उनका जीवन आध्यात्मिक साधना, त्याग और मानव सेवा के आदर्शों से जुड़ा रहा। शदाणी दरबार की धार्मिक परंपरा और अनुयायियों के बीच माता साहिब हासी देवी का विशेष स्थान रहा है।

NTPC World Environment Day

उनकी 200वीं जन्म जयंती पर स्मारक सिक्का जारी किया जाना उनकी आध्यात्मिक विरासत और समाज के प्रति योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तोखन साहू की पहल से राष्ट्रीय पटल पर मिली पहचान

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने माता साहिब हासी देवी की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर पहल की। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप इस विशेष अवसर पर स्मारक सिक्का जारी करने का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को देशव्यापी पहचान मिलने के साथ ही नई पीढ़ी को संतों के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान से परिचित कराने का अवसर भी मिलेगा।

स्मारक सिक्के का जारी होना केवल एक जयंती समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस आध्यात्मिक परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसने लंबे समय से समाज को सेवा, सद्भाव और नैतिक जीवन का संदेश दिया है।

संत डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज होंगे शामिल

रायपुर के लोक भवन में आयोजित समारोह में शदाणी दरबार तीर्थ के नवम पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज विशेष रूप से शामिल होंगे। उनके सान्निध्य में होने वाला यह आयोजन शदाणी दरबार के अनुयायियों और सिंधी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है।

माता साहिब हासी देवी की 200वीं जन्म जयंती पर स्मारक सिक्का जारी होने की खबर से शदाणी दरबार के अनुयायियों, सिंधी समाज और छत्तीसगढ़ में उत्साह का माहौल है। इस आयोजन को संत परंपरा के सम्मान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
error: Content is protected !!