स्वर्ण वाटिका में कथित अवैध प्लाटिंग पर नगर पालिका की कार्रवाई नोटिस तक सीमित, निर्माण तोड़ने और एफआईआर की चेतावनी

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बिना अनुमति सीसी रोड निर्माण मिलने का सीएमओ ने किया खुलासा, नोटिस जारी; सवाल—शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई कब?

मुंगेली । शहर में कथित अवैध प्लाटिंग का मामला एक बार फिर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। पंडरिया रोड स्थित पेट्रोल पंप के पीछे स्वर्ण वाटिका में प्लाटिंग और बिना अनुमति सीसी रोड निर्माण की शिकायत के बाद प्रशासनिक टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर के अनुसार, मौके पर परिषद की अनुमति के बिना सीसी रोड का निर्माण पाया गया है। इस मामले में स्वर्ण वाटिका के संचालक को नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर निर्माण तोड़ने और उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद एफआईआर की कार्रवाई की बात कही गई है। लेकिन सवाल यह है कि जब निरीक्षण में अनधिकृत निर्माण सामने आया है, तो कार्रवाई की अगली समय-सीमा क्या होगी?

शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

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स्वर्ण वाटिका में कथित अवैध प्लाटिंग को लेकर शिकायतकर्ता सत्येंद्र सिंह परिहार ने 3 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का टोकन नंबर डब्लूपी 261000218148 बताया गया है। शिकायतकर्ता ने संबंधित भूमि और प्लाटिंग की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के समर्थन में दस्तावेज और तस्वीरें भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।

शिकायत के बाद मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर मामला पहुंचा और इस संबंध में दैनिक अखबार में भी खबर प्रकाशित हुई। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों की टीम ने स्वर्ण वाटिका पहुंचकर निरीक्षण किया। नगर पालिका के अनुसार, निरीक्षण के दौरान बिना आवश्यक अनुमति सीसी रोड निर्माण का मामला सामने आया।

सीएमओ ने माना—बिना अनुमति बनाया गया सीसी रोड

मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर ने बताया कि पंडरिया रोड पेट्रोल पंप के पीछे स्वर्ण वाटिका नाम से प्लाटिंग की गई है। नगर पालिका परिषद की अनुमति के बिना सीसी रोड निर्माण किए जाने की शिकायत पर अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर बिना अनुमति सीसी रोड निर्माण पाया गया, जिसके संबंध में संचालक को नोटिस भेजा गया है।

सीएमओ के मुताबिक, यदि संचालक का जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है, तो संबंधित निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। अब देखना होगा कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद नगर पालिका कितनी तेजी से अगला कदम उठाती है।

पुराने प्रस्ताव मौजूद, फिर भी कार्रवाई पर सवाल

नगर पालिका परिषद मुंगेली के विशेष सम्मिलन में 18 जून 2025 को पारित प्रस्ताव क्रमांक 58 में नगर पालिका क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने और कार्रवाई करने की स्वीकृति दर्ज है। वहीं, 10 दिसंबर 2025 के प्रस्ताव क्रमांक 66 में राजस्व विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर अनधिकृत कॉलोनाइजरों और प्लाट काटकर बेचने वालों के खिलाफ शासन के निर्देशानुसार नोटिस, एफआईआर और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने की स्वीकृति का उल्लेख है।

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब अवैध प्लाटिंग रोकने के लिए परिषद में पहले ही प्रस्ताव पारित किए जा चुके हैं, तो शिकायत सामने आने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कितना समय लगेगा? क्या संबंधित प्रस्तावों के अनुरूप जमीन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी या मामला नोटिस और जवाब के बीच ही अटका रहेगा?

सूत्रों के हवाले से चर्चा

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा है कि स्वर्ण वाटिका में प्लाटिंग और सड़क निर्माण की अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच अहम होगी। हालांकि, संचालक को नोटिस जारी होने के बाद अंतिम कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। किसी भी कथित अनियमितता, जिम्मेदार व्यक्ति या अन्य दावे की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच से होना जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में नोटिस जारी होने की बात सामने आई है, लेकिन निर्माण तोड़ने या एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।

एसडीएम ने नगर पालिका को बताया सक्षम

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने कहा है कि नगर पालिका परिषद अपने क्षेत्र में अवैध कब्जे, अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए सक्षम है। ऐसे में अब जिम्मेदारी नगर पालिका की कार्रवाई पर केंद्रित हो गई है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि निरीक्षण में बिना अनुमति सीसी रोड निर्माण पाए जाने के बाद नगर पालिका कब तक जांच पूरी कर ठोस निर्णय लेगी? शिकायतकर्ता को कार्रवाई का इंतजार है और नगरवासियों की नजर भी प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। नोटिस के बाद की कार्रवाई ही बताएगी कि अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के परिषद के पुराने प्रस्ताव वास्तव में कितने प्रभावी साबित होते हैं।

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