राज्योत्सव में एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, राख से निर्मित उत्पादों एवं सामाजिक विकास की पहलों का प्रदर्शन
बिलासपुर/सीपत । छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के अंतर्गत 02 नवंबर 2026 को एनटीपीसी सीपत द्वारा बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में प्रदर्शनी लगाई गई। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रही। संभाग के विभिन्न उद्योगों एवं प्रशासनिक विभागों की प्रदर्शनियों के बीच एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रही। जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सशक्त नारियों और हुनरमंद युवाओं की भागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार होगा। उन्होंने एनटीपीसी सीपत के स्टॉल का अवलोकन किया और राख से निर्मित विभिन्न उत्पादों के बारे में विशेष जानकारी ली।
राज्य की सबसे बड़ी बिजली परियोजना एनटीपीसी सीपत की इस प्रदर्शनी में फ्लाई ऐश (राख) से निर्मित विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इनमें ईंटें, राख आधारित एग्रीगेट्स, सिंटर्ड गिट्टी, जियोपॉलिमर गिट्टी और इंटरलॉकिंग वॉल ब्लॉक जैसे किफायती एवं मजबूत उत्पाद शामिल रहे। ‘विकल्प ईंट’ भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा, जो पूरी तरह राख से बनाया जाता है। इसके साथ ही, भारत का पहला ऐश-टू-सैंड उत्पाद भी प्रदर्शित किया गया, जिसके माध्यम से राख से रेत तैयार की जाती है। राख के उपयोग को और विस्तार देते हुए गमले, दीये, उपहार सामग्री और भगवान बुद्ध की प्रतिमा जैसे सजावटी उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में एनटीपीसी सीपत का मॉडल भी रखा गया, जो विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया और पावर स्टेशन की कार्यप्रणाली को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, परियोजना की उत्पादन प्रणाली, सीएसआर गतिविधियों एवं अन्य महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी भी दी गई।


राज्योत्सव की थीम के अनुरूप महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों को भी प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार मसाले एवं धनिया पाउडर जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए। एनटीपीसी सीपत द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिलाओं ने न केवल अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, बल्कि उनकी बिक्री भी की।
शिक्षा के क्षेत्र में एनटीपीसी सीपत की पहलों को भी प्रदर्शित किया गया। ‘संकल्प’ कोचिंग के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। वहीं, बालिका सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत अब तक 641 बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, एनटीपीसी सीपत के बाल भारती पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक की 153 मेधावी छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।

इस प्रकार, एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी ने पर्यावरण संरक्षण, राख के प्रभावी उपयोग, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को एक मंच पर प्रस्तुत किया और सतत विकास के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। राज्योत्सव में एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, राख से निर्मित उत्पादों एवं सामाजिक विकास की पहलों का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के अंतर्गत 02 नवंबर 2026 को एनटीपीसी सीपत द्वारा बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में प्रदर्शनी लगाई गई। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रही। संभाग के विभिन्न उद्योगों एवं प्रशासनिक विभागों की प्रदर्शनियों के बीच एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रही। जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सशक्त नारियों और हुनरमंद युवाओं की भागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार होगा। उन्होंने एनटीपीसी सीपत के स्टॉल का अवलोकन किया और राख से निर्मित विभिन्न उत्पादों के बारे में विशेष जानकारी ली। राज्य की सबसे बड़ी बिजली परियोजना एनटीपीसी सीपत की इस प्रदर्शनी में फ्लाई ऐश (राख) से निर्मित विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इनमें ईंटें, राख आधारित एग्रीगेट्स, सिंटर्ड गिट्टी, जियोपॉलिमर गिट्टी और इंटरलॉकिंग वॉल ब्लॉक जैसे किफायती एवं मजबूत उत्पाद शामिल रहे।
‘विकल्प ईंट’ भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा, जो पूरी तरह राख से बनाया जाता है। इसके साथ ही, भारत का पहला ऐश-टू-सैंड उत्पाद भी प्रदर्शित किया गया, जिसके माध्यम से राख से रेत तैयार की जाती है। राख के उपयोग को और विस्तार देते हुए गमले, दीये, उपहार सामग्री और भगवान बुद्ध की प्रतिमा जैसे सजावटी उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में एनटीपीसी सीपत का मॉडल भी रखा गया, जो विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया और पावर स्टेशन की कार्यप्रणाली को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, परियोजना की उत्पादन प्रणाली, सीएसआर गतिविधियों एवं अन्य महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी भी दी गई। राज्योत्सव की थीम के अनुरूप महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों को भी प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार मसाले एवं धनिया पाउडर जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए। एनटीपीसी सीपत द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिलाओं ने न केवल अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, बल्कि उनकी बिक्री भी की।
शिक्षा के क्षेत्र में एनटीपीसी सीपत की पहलों को भी प्रदर्शित किया गया। ‘संकल्प’ कोचिंग के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। वहीं, बालिका सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत अब तक 641 बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, एनटीपीसी सीपत के बाल भारती पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक की 153 मेधावी छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस प्रकार, एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी ने पर्यावरण संरक्षण, राख के प्रभावी उपयोग, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को एक मंच पर प्रस्तुत किया और सतत विकास के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। राज्योत्सव में एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, राख से निर्मित उत्पादों एवं सामाजिक विकास की पहलों का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के अंतर्गत 02 नवंबर 2026 को एनटीपीसी सीपत द्वारा बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में प्रदर्शनी लगाई गई। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रही। संभाग के विभिन्न उद्योगों एवं प्रशासनिक विभागों की प्रदर्शनियों के बीच एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रही।

जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सशक्त नारियों और हुनरमंद युवाओं की भागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार होगा। उन्होंने एनटीपीसी सीपत के स्टॉल का अवलोकन किया और राख से निर्मित विभिन्न उत्पादों के बारे में विशेष जानकारी ली।
राज्य की सबसे बड़ी बिजली परियोजना एनटीपीसी सीपत की इस प्रदर्शनी में फ्लाई ऐश (राख) से निर्मित विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इनमें ईंटें, राख आधारित एग्रीगेट्स, सिंटर्ड गिट्टी, जियोपॉलिमर गिट्टी और इंटरलॉकिंग वॉल ब्लॉक जैसे किफायती एवं मजबूत उत्पाद शामिल रहे। ‘विकल्प ईंट’ भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा, जो पूरी तरह राख से बनाया जाता है। इसके साथ ही, भारत का पहला ऐश-टू-सैंड उत्पाद भी प्रदर्शित किया गया, जिसके माध्यम से राख से रेत तैयार की जाती है। राख के उपयोग को और विस्तार देते हुए गमले, दीये, उपहार सामग्री और भगवान बुद्ध की प्रतिमा जैसे सजावटी उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए।

प्रदर्शनी में एनटीपीसी सीपत का मॉडल भी रखा गया, जो विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया और पावर स्टेशन की कार्यप्रणाली को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, परियोजना की उत्पादन प्रणाली, सीएसआर गतिविधियों एवं अन्य महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी भी दी गई।
राज्योत्सव की थीम के अनुरूप महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों को भी प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार मसाले एवं धनिया पाउडर जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए। एनटीपीसी सीपत द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिलाओं ने न केवल अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, बल्कि उनकी बिक्री भी की।
शिक्षा के क्षेत्र में एनटीपीसी सीपत की पहलों को भी प्रदर्शित किया गया। ‘संकल्प’ कोचिंग के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। वहीं, बालिका सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत अब तक 641 बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, एनटीपीसी सीपत के बाल भारती पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक की 153 मेधावी छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
इस प्रकार, एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी ने पर्यावरण संरक्षण, राख के प्रभावी उपयोग, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को एक मंच पर प्रस्तुत किया और सतत विकास के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि गण, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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