पेंशन प्रकरणों में लापरवाही और न्यायालयीन निर्देशों की अवहेलना के आरोप, मुंगेली के तत्कालीन प्रभारी डीईओ एलपी डाहिरे निलंबित

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स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से की कार्रवाई, 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश

मुंगेली। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने पेंशन प्रकरणों में लापरवाही, न्यायालयीन निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते मुंगेली जिले के तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे को निलंबित कर दिया है। विभाग द्वारा जारी आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर में मुख्यालय निर्धारित किया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर 15 दिनों के भीतर विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश क्रमांक ESTB-1024/1709/20-2 दिनांक 30 अक्टूबर 2026 के अनुसार, एलपी डाहिरे वर्तमान में कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर में सहायक संचालक के पद पर कार्यरत थे। वे पूर्व में मुंगेली जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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पेंशन प्रकरणों में लापरवाही के आरोप

विभागीय आदेश में उल्लेख किया गया है कि पेंशन प्रकरणों में लापरवाही, न्यायालयीन निर्देशों की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता किए जाने के कारण उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

पेंशन प्रकरण सरकारी कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले आर्थिक लाभ और उनके अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण मामले होते हैं। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई और न्यायालयीन निर्देशों का पालन प्रशासनिक जिम्मेदारी का अहम हिस्सा माना जाता है। विभागीय आदेश में इसी प्रकार की लापरवाही और निर्देशों की अवहेलना को कार्रवाई का आधार बताया गया है।

बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रहेगा मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान एलपी डाहिरे का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

इसके अलावा निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मूलभूत नियम 53 के अंतर्गत नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी। निलंबन के दौरान संबंधित अधिकारी को निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहकर विभागीय निर्देशों का पालन करना होगा।

15 दिनों में आरोप पत्र तैयार करने के निर्देश

स्कूल शिक्षा विभाग ने लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को निर्देशित किया है कि एलपी डाहिरे के विरुद्ध आरोप पत्र का प्रारूप तैयार कर 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से विभाग को उपलब्ध कराया जाए।

आदेश में आरोप पत्र के साथ आरोप, अभिकथन, संबंधित अभिलेख एवं गवाहों की सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आरोप पत्र जारी करने की कार्रवाई की जा सके।

इस निर्देश से स्पष्ट है कि निलंबन के साथ-साथ विभागीय जांच की प्रक्रिया को भी समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की गई है।

संबंधित अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि

जारी आदेश की प्रतिलिपि विशेष सहायक, स्कूल शिक्षा मंत्री, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर जिला मुंगेली एवं बिलासपुर तथा संयुक्त संचालक, संभागीय शिक्षा बिलासपुर को भेजी गई है। संबंधित अधिकारियों को मामले में आवश्यक कार्रवाई और विभागीय प्रक्रिया के पालन के लिए निर्देशित किया गया है।

विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

स्कूल शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब विभागीय आरोप पत्र जारी होने और जांच की आगामी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

हालांकि, निलंबन आदेश में लगाए गए आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच के निष्कर्षों के बाद ही होगी। ऐसे में आगामी जांच और संबंधित अधिकारी का पक्ष इस मामले में महत्वपूर्ण रहेगा।

फिलहाल शासन ने निलंबन के साथ विभागीय जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब यह देखना होगा कि निर्धारित समय-सीमा में आरोप पत्र जारी होने के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

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