हार से सीखें और जीत का अहंकार न करें, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती – मंत्री टंक राम वर्मा
सारंगढ़ को दो बड़ी सौगातें: शहर में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड और डाइट कॉलेज
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का सारंगढ़ में रंगारंग आगाज

5 संभागों के 330 खिलाड़ी दिखा रहे अपना दम

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर घोषणाएं; नवोदय व केंद्रीय विद्यालय का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन
रायपुर । सारंगढ़ की पावन धरा पर रविवार को खेल, उत्साह और राज्य स्तरीय खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। मौका था 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026 के भव्य शुभारंभ का। इस गरिमामय अवसर पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में दो बड़ी सौगातें देते हुए जिले में सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड तथा डाइट (DIET) कॉलेज प्रारंभ करने की ऐतिहासिक घोषणा की।
इसके साथ ही उन्होंने अवगत कराया कि जिले में नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया में हैं, और राज्य सरकार स्कूल अधोसंरचना के विकास व आवश्यक जीर्णोद्धार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिले के प्रभारी एवं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने खिलाड़ियों में नया जोश भरते हुए कहा कि खेलोगे तो जीतोगे, खेलोगे तो हारोगे, लेकिन नहीं खेलोगे तो केवल दर्शक बनकर रह जाओगे। हार से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए और विजेता खिलाड़ियों को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास जारी रखने वाले ही जीवन में नई ऊंचाइयों को छूते हैं।
4 दिवसीय महाकुंभ: 5 संभाग, 330 खिलाड़ी और 3 प्रमुख खेल
खेलभांठा मैदान सारंगढ़ में 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के पाँचों संभागों—बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा—से आए 330 बाल-खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर रहे हैं।
आयोजन के पहले दिन फुटबॉल (बालक 14 वर्ष), सॉफ्टबॉल (बालक एवं बालिका 17 वर्ष) और क्रिकेट (बालिका 17 वर्ष) की प्रतिस्पर्धाओं के साथ रोमांचक मुकाबलों की शुरुआत हुई।
खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और एकता का आधार: मंत्री गजेन्द्र यादव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि जीतने के लिए सबसे पहले मैदान में उतरना जरूरी है। खेल केवल शारीरिक विकास नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और बौद्धिक क्षमता को भी निखारता है। छत्तीसगढ़ की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता ही हमारी ताकत है, और खेल इस विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का सबसे सशक्त माध्यम है।
कलेक्टर ने स्वागत भाषण में खिलाड़ियों के रहने, भोजन व सुरक्षा की सुव्यवस्थित व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम शानदार रहा है और तीन विद्यार्थियों ने राज्य की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान बनाया है।
उन्होंने जिले में शिक्षा के आधुनिक रुझानों का जिक्र करते हुए कहा कि कक्षा 11वीं एवं 12वीं के छात्रों के लिए नीट (NEET) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग सुविधा शुरू की जा रही है। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कक्षाएं, रोबोटिक्स लैब्स और अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की जा रही है।
उद्घाटन समारोह में सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, सांसद राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष समेत अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

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