बिहान से बदली जिंदगी: गुंजवती पेगड़ बनीं “लखपति दीदी

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  रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत एरण्डवाल की निवासी श्रीमती गुंजवती पेगड़ की, जिन्होंने स्व सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन में आर्थिक बदलाव लाया और आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना रही हैं।

    श्रीमती गुंजवती पेगड़ वर्ष 2023 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत दुर्गावती स्व सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने धान खेती, सब्जी खेती, मुर्गीपालन, मुर्गी की ब्रुडिंग तथा गायपालन जैसी गतिविधियों को आजीविका का आधार बनाया। बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें विभिन्न माध्यमों से आर्थिक सहायता भी प्राप्त हुई, जिसमें सीआईएफ राशि 60 हजार रुपए, बैंक लिंकेज से 60 हजार रुपए, आईएफसी से 30 हजार रुपए तथा पीएफएमएम से 40 हजार रुपए सहित कुल 1 लाख 90 हजार रुपए का ऋण मिला।



      इस आर्थिक सहयोग और मेहनत के बल पर गुंजवती पेगड़ ने अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की। धान खेती से 60 हजार रुपए, सब्जी खेती से 15 हजार रुपए, मुर्गीपालन से 16 हजार रुपए, मुर्गी की ब्रुडिंग से 10 हजार रुपए तथा गायपालन से 40 हजार रुपए की आय अर्जित कर उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया।

        गुंजवती पेगड़ बताती हैं कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया। समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आजीविका को बेहतर बनाया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनीं।

         उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, समूह सहयोग और छोटे-छोटे निवेश से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। बिहान योजना आज ग्रामीण महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन रही है और “समूह से लखपति बनना संभव है” इस सोच को साकार कर रही है।

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