छत्तीसगढ़ में चमकी नंदिता की मेहनत, 10वीं बोर्ड में दूसरा स्थान हासिल

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सरस्वती शिशु मंदिर पिण्डरा-कापा की छात्रा ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, घर में जश्न का माहौल

मुंगेली । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार मुंगेली जिले की बेटी नंदिता देवांगन ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया है।

8 घंटे की पढ़ाई और नियमित रिवीजन बना सफलता का मंत्र

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पिण्डरा-कापा की छात्रा नंदिता ने बताया कि उनकी सफलता का मुख्य आधार नियमित पढ़ाई और साप्ताहिक रिवीजन रहा। वे प्रतिदिन लगभग 8 घंटे पढ़ाई करती थीं और हर सप्ताह अपने पढ़े हुए विषयों को दोहराना उनकी आदत में शामिल था। इसी अनुशासन ने उन्हें यह मुकाम दिलाया।

नंदिता ने कहा कि परिणाम आने के बाद उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उनके घर में लोगों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है और सभी उन्हें बधाई दे रहे हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा उनके सम्मान में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर वे काफी उत्साहित हैं।

शिक्षक पिता और गृहिणी मां का मिला पूरा सहयोग

नंदिता के पिता राजकुमार देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंढरभट्टा में प्रभारी प्राचार्य हैं, जबकि उनकी माता गीता देवांगन गृहिणी हैं। परिवार का कहना है कि नंदिता शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है और उसने कभी अपनी जिम्मेदारियों से समझौता नहीं किया।

माता गीता देवांगन ने बताया कि नंदिता पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाती थी और हर परिस्थिति में अपना स्कूल का कार्य समय पर पूरा करती थी। वहीं पिता राजकुमार देवांगन ने बेटी की इस उपलब्धि को परिवार और समाज के लिए गर्व का विषय बताया।

इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना है सपना

पढ़ाई के साथ-साथ नंदिता की रुचि खेलकूद और स्कूल के विभिन्न आयोजनों में भी रही है। वे आगे गणित विषय लेकर पढ़ाई करना चाहती हैं और इंजीनियर बनकर देश की सेवा करने का सपना देखती हैं।

अन्य छात्रों को दिया प्रेरणादायक संदेश

नंदिता ने अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि जो छात्र इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। 10वीं परीक्षा दोबारा मौका देती है, इसलिए पूरी लगन और मेहनत के साथ फिर से तैयारी करें। उन्होंने कहा कि मेहनत का फल जरूर मिलता है और अगली बार वे और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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