मुंगेली में शिक्षा का परचम: 10वीं में अंशुल शर्मा 99% के साथ प्रदेश टॉपर
टॉपर्स के घर पहुंचा प्रशासन, “90 प्लस अभियान” से बदली तस्वीर; मेहनत, मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग का दिखा असर
मुंगेली। मुंगेली जिले ने इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में जिले के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया है कि निरंतर प्रयास, सटीक रणनीति और सामूहिक सहभागिता से शिक्षा के स्तर में बड़ा बदलाव संभव है।
सबसे बड़ी उपलब्धि कक्षा 10वीं में सामने आई, जहां लोरमी के छात्र अंशुल शर्मा ने 99 प्रतिशत अंक अर्जित कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। एक निजी विद्यालय के छात्र अंशुल की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे मुंगेली जिले को गौरवान्वित किया है। परिणाम घोषित होते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई और अंशुल की इस उपलब्धि की चर्चा हर ओर होने लगी।
जिले के अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मुंगेली मुख्यालय के विवेकानंद वार्ड की छात्रा नंदिता देवांगन ने 98.87 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं चकरभाठा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा हेमा ने 97.87 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इन छात्रों की सफलता यह दर्शाती है कि जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
घर पहुंचा प्रशासन, बढ़ाया हौसला
परिणाम घोषित होने के बाद जिला प्रशासन ने भी विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय सहित अन्य अधिकारी टॉपर्स के घर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों के परिश्रम की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मुंगेली के विद्यार्थियों ने प्रदेश के टॉप-10 में अपनी जगह बनाकर जिले की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कक्षा 12वीं में जिला पिछले वर्ष 27वें स्थान पर था, जो इस वर्ष सुधरकर छठवें स्थान पर पहुंच गया है। इसी प्रकार कक्षा 10वीं में भी जिले ने 30वें स्थान से सुधार करते हुए 12वां स्थान हासिल किया है।
“90 प्लस अभियान” बना सफलता की कुंजी
कलेक्टर ने इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा संचालित “90 प्लस शिक्षा गुणवत्ता अभियान” को दिया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के 74 स्कूलों को चिन्हित कर विशेष रूप से पढ़ाई की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के मोटिवेशन और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया और विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं, टेस्ट और काउंसलिंग सत्रों का आयोजन किया गया।
अभियान के तहत कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे उनके परिणामों में सुधार हुआ। साथ ही अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित कर बच्चों के अध्ययन वातावरण को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए। यही वजह है कि इस वर्ष जिले के परिणामों में व्यापक सुधार देखने को मिला।
“प्रेरणा से परिवर्तन” की दिशा में कदम
कलेक्टर ने कहा कि यह सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने इसे “प्रेरणा से परिवर्तन” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इन सफल विद्यार्थियों से अन्य छात्र भी प्रेरणा लेंगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करेंगे।
भविष्य की तैयारी: तकनीक से जुड़ेगा शिक्षा तंत्र
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में जिले में शिक्षा को और मजबूत करने के लिए तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।
इस अवसर पर एसडीएम अजय शतरंज, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी, शिक्षकगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुंगेली जिले का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मिलकर एक लक्ष्य के साथ कार्य करते हैं, तो सफलता निश्चित होती है। जिले के टॉपर्स ने न केवल अपने परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरे हैं।
मुंगेली जिले का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मिलकर एक लक्ष्य के साथ कार्य करते हैं, तो सफलता निश्चित होती है। जिले के टॉपर्स ने न केवल अपने परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरे हैं।

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