शहरी निकायों को सशक्त बनाकर बेहतर शहरी सेवाएं सुनिश्चित करें: केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू
मॉडल म्युनिसिपल लॉ को अद्यतन करने, वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नागरिक-केंद्रित शहरी शासन पर जोर
नई दिल्ली । आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) तथा जनाग्रह के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की संस्थागत एवं कार्यान्वयन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया।

बैठक में शहरी स्थानीय निकायों को अधिक सक्षम, प्रभावी, जवाबदेह एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से नीति आयोग की रिपोर्ट ‘प्रभावी नगर प्रशासन की ओर अग्रसर होना – दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए एक रूपरेखा’ में सुझाए गए सुधारों एवं अनुशंसाओं के अनुरूप मॉडल म्युनिसिपल लॉ को अद्यतन करने के विषय पर विचार किया गया।

श्री साहू ने शहरी स्थानीय सरकारों के समक्ष फंड के उपयोग एवं उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी अवशोषण से जुड़ी चुनौतियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि इंडस्ट्रियल हाउसिंग स्कीम, नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन तथा ₹1 लाख करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड जैसी महत्वपूर्ण पहलों की प्रगति राज्यों एवं शहरों की कार्यान्वयन और फंड उपयोग क्षमता में अंतर के कारण असमान रही है। इस संदर्भ में शहरी स्थानीय निकायों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ प्रभावी प्रणालियां, प्रक्रियाएं और आवश्यक सहयोग तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

बैठक में शहर-विशिष्ट दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया गया। महानगरों, बड़े शहरों, मिलियन-प्लस शहरों, छोटे कस्बों और संक्रमणशील शहरों की आवश्यकताओं एवं संस्थागत क्षमताओं में अंतर को ध्यान में रखते हुए शहरी शासन सुधारों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता बताई गई।
श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नागरिक देवो भवः—नागरिक प्रथम शासन” के विजन के अनुरूप शहरी स्थानीय निकायों को प्रभावी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन की मजबूत संस्थाओं के रूप में विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सक्षम और सशक्त शहरी स्थानीय निकाय ही बेहतर, उत्तरदायी एवं सतत शहरी सेवाओं की आधारशिला हैं। श्री साहू ने अधिकारियों को ULBs की संस्थागत एवं कार्यान्वयन क्षमता बढ़ाने, उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, शासन प्रक्रियाओं को सरल एवं प्रभावी बनाने तथा राज्यों को शहरी शासन सुधारों को अपनाने और लागू करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री साहू ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में विकसित शहरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए शहरी निकायों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि प्रभावी स्थानीय शासन और नागरिक सेवा वितरण के सक्षम केंद्र के रूप में सशक्त करना आवश्यक है।

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