मृतक शिक्षक के खाते में जमा हुई पेंशन, आश्रित पत्नी भुगतान के लिए परेशान
गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की
मुंगेली/रायपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भालापुर, विकासखंड मुंगेली में पदस्थ रहे दिवंगत व्याख्याता टीकाराम खांडे की पेंशन और अन्य देय स्वत्वों के भुगतान में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि दिवंगत शिक्षक की पत्नी को मिलने वाली पेंशन की कुछ राशि उनके पुराने बैंक खाते में जमा कर दी गई, जबकि परिवार को भुगतान की आवश्यकता थी।
पति के निधन के बाद पत्नी ने किए भुगतान के लिए आवेदन
गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष कृष्णकुमार नवरंग के अनुसार, स्वर्गीय टीकाराम खांडे का निधन 28 नवंबर 2025 को हुआ था। उनके निधन के बाद पत्नी गीता खांडे ने पेंशन, ग्रेच्युटी, सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) और अवकाश नगदीकरण सहित अन्य देय स्वत्वों के भुगतान के लिए लगातार आवेदन प्रस्तुत किए।

संगठन द्वारा जिला कलेक्टर मुंगेली को सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि दिवंगत कर्मचारी के परिवार को नियमानुसार मिलने वाले भुगतान की प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं लाई गई। इसके कारण परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

न्यायालय के आदेश के बाद भी भुगतान में देरी का आरोप
आवेदन में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर रिट याचिका क्रमांक 4043/2026 का उल्लेख किया गया है। संगठन के अनुसार, इस प्रकरण में 11 मई 2026 को पारित न्यायालयीन निर्णय के बाद भी भुगतान प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली द्वारा 15 अप्रैल 2026 को 90 प्रतिशत अंतरिम प्रोविजनल पेंशन के भुगतान का आदेश जारी किए जाने की जानकारी भी आवेदन में दी गई है। संगठन का कहना है कि आदेश जारी होने के बावजूद पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान में अनियमितता और देरी की शिकायत सामने आई है।
तीन माह की पेंशन मृतक के खाते में जमा होने का आरोप
संगठन द्वारा प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2025 से मई 2026 तक की प्रोविजनल पेंशन की राशि दिवंगत शिक्षक की पत्नी के खाते में जमा की गई। लेकिन जून, जुलाई और अगस्त 2026 की पेंशन उनके पुराने बैंक खाते में जमा किए जाने की बात सामने आई।
शिकायत में कहा गया है कि बाद में जानकारी लेने पर पता चला कि संबंधित पेंशन राशि मृतक टीकाराम खांडे के बैंक खाते में जमा हुई है। संगठन ने इस स्थिति को गंभीर लापरवाही बताते हुए जांच की मांग की है। उसका कहना है कि दिवंगत कर्मचारी की पत्नी परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं और पेंशन का भुगतान सही खाते में नहीं होने से उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- वैधानिक स्वत्वों के लिए परिवार को भटकना दुर्भाग्यपूर्ण
गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष कृष्णकुमार नवरंग ने कहा कि किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को मिलने वाले वैधानिक स्वत्वों और पेंशन के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक दस्तावेज और आदेश उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान में लापरवाही हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। संगठन का कहना है कि दिवंगत कर्मचारी के आश्रित परिवार को समय पर भुगतान मिलना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की भूमिका की जांच की मांग
संगठन ने आरोप लगाया है कि उच्च न्यायालय के आदेश, जनदर्शन में की गई शिकायतों, उच्च अधिकारियों के निर्देशों, जिला प्रशासन, कमिश्नर बिलासपुर तथा विभागीय आदेशों के बावजूद लंबित देयकों के भुगतान में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संगठन के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से मामले में की गई कार्रवाई और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच की जानी चाहिए।
एसोसिएशन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि पेंशन की राशि मृतक के खाते में किस आधार पर जमा हुई। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा जानबूझकर की गई त्रुटि सामने आती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
संगठन ने रखीं प्रमुख मांगें
गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से निम्न मांगें की हैं—
- स्वर्गीय टीकाराम खांडे के पेंशन एवं अन्य देय स्वत्वों के भुगतान में हुई देरी की विस्तृत जांच कराई जाए।
- जून, जुलाई और अगस्त 2026 की लंबित पेंशन राशि का नियमानुसार तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- पेंशन की राशि मृतक के पुराने बैंक खाते में जमा किए जाने के कारणों की जांच की जाए।
- लापरवाही या त्रुटि पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
- उच्च न्यायालय और विभागीय आदेशों के अनुरूप सभी लंबित देयकों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
- भविष्य में दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को पेंशन एवं स्वत्वों के लिए अनावश्यक कार्यालयीन प्रक्रिया से परेशान न होना पड़े, इसके लिए जवाबदेही तय की जाए।
आश्रित परिवारों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की बात
प्रदेशाध्यक्ष कृष्णकुमार नवरंग ने कहा कि गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन कर्मचारी हितों के साथ-साथ दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों के वैधानिक अधिकारों के लिए भी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जांच और निराकरण की अपेक्षा की है।
संगठन का कहना है कि दिवंगत कर्मचारी के परिवार को मिलने वाले पेंशन और अन्य स्वत्वों का भुगतान समय पर होना चाहिए। इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होने से न केवल संबंधित परिवार को राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।




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