बाढ़ के बीच जिला प्रशासन बना जीवनरक्षक, एयरलिफ्ट से सुरक्षित लाए गए 6 कर्मचारी
इन्द्रावती पार माड़ क्षेत्र में फंसे थे पटवारी-सर्वेयर दल के सदस्य, जिला अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के बाद सभी स्वस्थ
रायपुर । लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और उफान पर आई नदियों के बीच इन्द्रावती नदी के पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी एवं सर्वेयर सहित 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन बीजापुर की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बीजापुर लाया गया है। जिला मुख्यालय पहुंचने के तुरंत बाद सभी कर्मचारियों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद सभी कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह सामान्य और बेहतर पाई गई।

उल्लेखनीय है कि राजस्व गिरदावरी सर्वे कार्य के महत्वपूर्ण दायित्व के निर्वहन के लिए पटवारी और सर्वेयरों का 6 सदस्यीय दल अंदरूनी क्षेत्र बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी गया हुआ था। इसी दौरान क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया और चारों ओर बाढ़ की विकट स्थिति निर्मित हो गई, जिससे यह दल वहीं फंस गया।

जैसे ही कर्मचारियों के बाढ़ क्षेत्र में फंसे होने की सूचना मिली, कलेक्टर विश्वदीप ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना कोई समय गंवाए तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने राज्य शासन से समन्वय स्थापित कर तुरंत हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की और एयरलिफ्ट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 6 कर्मचारियों को सुरक्षित निकालकर जिला मुख्यालय बीजापुर पहुंचाया।

बीजापुर जिला अस्पताल में स्वयं कलेक्टर विश्वदीप की उपस्थिति में सभी कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच कराई गई। इस दौरान कलेक्टर ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक कर्मचारी से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना, उनका ढांढस बंधाया और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। विकट परिस्थितियों से सुरक्षित बाहर निकलकर अपनों के बीच पहुंचे कर्मचारियों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। कलेक्टर ने दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने शासकीय दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के लिए पूरी टीम के साहस और कर्तव्यपरायणता की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस अवसर पर कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी, सजगता और तत्परता के साथ मैदान में डटा हुआ है। जिले के प्रत्येक नागरिक और कर्मचारी की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव दल चौबीसों घंटे पूरी स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या जनहानि को रोका जा सके और प्रभावितों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
बाढ़ की इस गंभीर चुनौती के बीच बीजापुर जिला प्रशासन की इस त्वरित, योजनाबद्ध और जीवनरक्षक पहल ने आमजन में यह विश्वास और अधिक मजबूत किया है कि आपदा की किसी भी कठिन घड़ी में प्रशासन हर कदम पर अपने नागरिकों और कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ा है।
इस दौरान आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी मुकेश देवांगन, तहसीलदार पंचराम सलामे, जिला सेनानी पी.बी. सिदार सहित जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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