जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य

0
IMG-20261002-WA1371

नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर

प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन, ग्रामीणों की भागीदारी से तैयार होगा गांवों के विकास का रोडमैप

रायपुर । गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के बीच नारायणपुर जिले से लोकतंत्र की एक सुखद तस्वीर सामने आई। कभी नक्सल प्रभाव से जूझने वाले ओरछा विकासखंड की ग्राम पंचायत कच्चापाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण एक पेड़ की छांव तले ग्राम सभा के लिए जुटे और अपने गांव के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कच्चापाल की यह ग्राम सभा इसलिए भी विशेष रही कि बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की तथाकथित ‘जन अदालतों’ का भय रहता था, उन्हीं क्षेत्रों में अब ग्रामीण संवैधानिक ग्राम सभा के मंच पर बैठकर अपनी बात रख रहे हैं और अपने गांव की विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा कर रहे हैं। बदलते बस्तर की यह तस्वीर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।

NTPC World Environment Day

पेड़ की छांव बनी लोकतांत्रिक संवाद का मंच
कच्चापाल में ग्राम सभा के लिए किसी बड़े सभागार की जरूरत नहीं पड़ी। गांव के लोग पेड़ के नीचे एकत्र हुए और सामूहिक रूप से गांव की आवश्यकताओं तथा विकास कार्यों पर चर्चा की। ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने ग्राम सभा को जीवंत बनाया। महिलाओं और ग्रामीणों ने भी चर्चा में हिस्सा लेकर स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषय सामने रखे। प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया। विकसित भारत-जी राम जी योजनांतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी विकास कार्यों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।

गांव की जरूरत के अनुसार बनेगा विकास का रोडमैप
विशेष ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना जैसे विषयों पर स्थानीय जरूरत के अनुरूप कार्यों की पहचान पर जोर दिया गया। रिफॉर्म उत्सव के तहत ग्रामीणों को 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, समय पर रोजगार एवं मजदूरी भुगतान तथा योजना के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों से संबंधित जानकारी भी दी गई। ग्राम सभाओं से मिले सुझाव विकसित ग्राम पंचायत प्लान का आधार बनेंगे। आगामी चरणों में गांवों के संसाधनों और आवश्यकताओं का आकलन कर विकास योजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा।

कच्चापाल की ग्राम सभा बनी बदलते बस्तर की तस्वीर
नारायणपुर के दूरस्थ कच्चापाल में पेड़ के नीचे लगी ग्राम सभा केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रही। कभी नक्सल प्रभाव से जूझे इस क्षेत्र में ग्रामीणों का बड़ी संख्या में एक साथ बैठकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना बदलते बस्तर की महत्वपूर्ण तस्वीर है। जहां कभी भय और हिंसा के बीच तथाकथित जन अदालतों की चर्चा होती थी, वहां अब ग्राम सभा में गांव के लोग स्वयं अपनी जरूरतों और विकास के भविष्य पर संवाद कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
error: Content is protected !!