अमरकंटक नर्मदा उद्गम पर गूंजे वेद-मंत्र ,शंकराचार्य पद पर आसीन होने के बाद जगद्गुरु स्वामी सदानंद सरस्वती का प्रथम नगर आगमन
संत समाज , श्रद्धालुओं और विभिन्न आश्रमों ने किया भव्य स्वागत
संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की पावन उद्गम स्थली / पवित्र नगरी एवं ऋषि-मुनियों की तपोभूमि अमरकंटक में शनिवार को आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर हो उठी । पश्चिमाम्नाय द्वारका-शारदा पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित 1008 परमपूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का शंकराचार्य पद पर आसीन होने के पश्चात प्रथम नगर आगमन हुआ है ।
अश्विन कृष्ण पक्ष सप्तमी के पावन अवसर पर हुए इस ऐतिहासिक आगमन ने संपूर्ण अमरकंटक को धर्ममय वातावरण से अनुप्राणित कर दिया ।


नगर प्रवेश के साथ ही मार्ग भर वेद-मंत्रों, जयघोषों और श्रद्धालुओं की भावपूर्ण उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया । विभिन्न आश्रमों , धार्मिक संस्थाओं एवं संत-महात्माओं ने पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर जगद्गुरु का आत्मीय स्वागत किया ।
अमरकंटक प्रवेश करते ही बांधा तिराहे पर मार्कण्डेय आश्रम के आचार्य स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज , धारकुंडी आश्रम के स्वामी लवलीन बाबा , कामद गिरी आश्रम के संत स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज , झूलेलाल आश्रम के संत स्वामी राजेश आजाद , रामकृष्ण कुटीर आश्रम के समीप धारकुंडी आश्रम के प्रमुख स्वामी लवलीन महाराज, रामकृष्ण के स्वामी विश्वात्मानंद जी , गुम्मा घाटी आश्रम के ब्रह्मचारी प्रवीण जी ने श्रद्धापूर्वक अभिनंदन किया । उसके बाद आगे मुख्य मार्ग में श्री कल्याण सेवा आश्रम के द्वार पर प्रबंध न्यासी स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज के नेतृत्व में संत मंडल ने जगद्गुरु का स्वागत किया । इस अवसर पर स्वामी जगदीशानंद जी महाराज , स्वामी धर्मानंद जी महाराज , स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज एवं स्वामी नर्मदानंद जी महाराज सहित अनेक संत ब्राह्मण , श्रद्धालु उपस्थित रहे । आगे मृत्युंजय आश्रम के द्वार पर पंडित योगेश दुबे एवं बटुको ने पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया । आगे बढ़ते हुए शांति कुटी आश्रम के श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज एवं आश्रम के अनेक श्रद्धालुओं और आश्रमवासियों ने भी पुष्प वर्षा कर श्रद्धाभाव से स्वागत , बंधन , अभिनंदन किया गया । उसके पश्चात नगर से होते हुए सीधे
शंकराचार्य आश्रम पहुंच त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी मंदिर में दर्शन किए ।
जगद्गुरु के प्रथम नगर आगमन पर अग्निपीठ अखाड़ा मार्कंडेय आश्रम के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज ने नगर प्रवेश से शंकराचार्य आश्रम तक उनके साथ रहे ।
उन्होंने स्वयं नगर में अगवानी कर श्रद्धालुओं के साथ भव्य स्वागत की अगुवाई की ।

शंकराचार्य आश्रम पहुंचने पर आश्रम के व्यवस्थापक ब्रह्मचारी स्वामी नर्मदानंद जी महाराज ने संतों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का विधिवत स्वागत-अभिनंदन किया । आश्रम परिसर वैदिक मंत्रोच्चार , शंखनाद और धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान रहा ।

अमरकंटक प्रवास के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज के सान्निध्य में पादुका पूजन , ललिता सहस्रनाम पाठ , रुद्राभिषेक , मां नर्मदा पूजन तथा विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे , जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है ।
इस अवसर पर परम धर्म संसद के अध्यक्ष श्रीधर शर्मा , नगर परिषद अध्यक्ष पार्वती सिंह उइके , पार्षद विमला दुबे , पूर्व पार्षद श्यामलाल सेन , हरि सिंह उईके , नर्मदा मंदिर के पुजारी पंडित रूपेश द्विवेदी , पंडित संदीप जोशी , पंडित रामनरेश शास्त्री , पंडित गिरिजाशंकर पाण्डेय , ओ पी गौतम , अंकुर गौतम , राधेश्याम उपाध्याय , लखन झरिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे । इस अवसर पर पत्रकारों में धनंजय तिवारी , श्रवण कुमार उपाध्याय , उमाशंकर पांडेय , विपुल बरमैया , संजय श्रीवास सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे ।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का यह प्रथम अमरकंटक आगमन धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है । मां नर्मदा की उद्गम स्थली पर उनके सान्निध्य में संपन्न होने वाले पूजन , अनुष्ठान एवं सत्संगों से न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा बल्कि अमरकंटक की सनातन साधना परंपरा को भी नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलेगी ।

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