बेमौसम बारिश की आशंका के बीच किसानों को सतर्क रहने की सलाह, धान की फसल बचाने चंद्रप्रकाश सूर्या ने की अपील

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मस्तूरी/बिलासपुर। प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज और बेमौसम बारिश की आशंका को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री एवं जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या ने किसानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसानों की महीनों की मेहनत से तैयार धान की फसल को बारिश से बचाना इस समय बेहद जरूरी है। किसान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कटाई और फसल के सुरक्षित भंडारण का निर्णय लें, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

चंद्रप्रकाश सूर्या ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। खेतों में तैयार फसल केवल अनाज नहीं, बल्कि किसान के परिवार की आजीविका और सालभर की उम्मीदों का आधार होती है। ऐसे में बेमौसम बारिश से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने की अपील

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सूर्या ने किसानों से कहा कि जिन खेतों में धान पककर तैयार हो चुका है, वहां कटाई का निर्णय स्थानीय मौसम की स्थिति और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार लें। जिन किसानों ने कटाई कर ली है, वे धान को खेतों में खुले में न छोड़ें। कटी हुई फसल को ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर रखें तथा तिरपाल से ढककर बारिश के पानी से बचाने की व्यवस्था करें। खेतों में जलभराव रोकने के लिए पानी की निकासी का भी उचित प्रबंध करें।

उन्होंने कहा कि धान भीगने से उसमें नमी बढ़ सकती है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने और भंडारण के दौरान नुकसान की आशंका रहती है। दलहन एवं तिलहन की फसल लेने वाले किसान भी संभावित कीट और रोगों से बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।

फसल नुकसान होने पर तत्काल दें सूचना

चंद्रप्रकाश सूर्या ने किसानों से अपील की कि बारिश से फसल को नुकसान होने की स्थिति में संबंधित कृषि विभाग, राजस्व अधिकारियों या फसल बीमा कंपनी को तत्काल सूचना दें। नुकसान की तस्वीरें और आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखें, ताकि नियमानुसार बीमा या अन्य सहायता प्राप्त करने में सुविधा हो सके।

उन्होंने स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग से भी आग्रह किया कि किसानों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत दिलाने की व्यवस्था की जाए।

सूर्या ने कहा कि किसानों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “किसान के खेत में लहलहाती फसल केवल धान की बालियां नहीं, बल्कि उसके परिवार के सपने, बच्चों का भविष्य और सालभर की उम्मीदें होती हैं। बेमौसम बारिश से अन्नदाताओं की मेहनत पर पानी न फिरे, इसके लिए सभी किसानों को सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है।”

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