जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा जोंधरा में कर्मचारियों का अभाव: दो कर्मियों के भरोसे 15 से अधिक पंचायतों के किसान, केसीसी ऋण के लिए भटकने को मजबूर

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

जोंधरा/बिलासपुर । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएं जोंधरा क्षेत्र में प्रशासनिक उदासीनता और स्टाफ की कमी के कारण दम तोड़ती नजर आ रही हैं। बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाली जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की शाखा जोंधरा में इन दिनों भारी अव्यवस्था का आलम है। सूत्रों के अनुसार जोधरा और शिवटिकारी दोनों सोसायटी का संस्था प्रबंधक दोनों सोसायटी पर प्रभार दिया गया है जिससे किसानों को के. सी .सी. अभी तक किसी किसानों को ऋण मुहैया नही हो पा रहा है यहाँ पर्याप्त कर्मचारी न होने के कारण क्षेत्र के हजारों किसान केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
सिर्फ दो कर्मचारी संभाल रहे हैं करोड़ों का लेन-देन
हैरानी की बात यह है कि जोंधरा शाखा के अंतर्गत जोंधरा, गोपालपुर, भिलौनी, चिस्दा, शिवटिकारी, परसोड़ी, कुकुरदीकला, कुकुरदीखुर्द, अमलडीहा, उदयबंद, सोन, बसंतपुर और सोंनसरी जैसी महत्वपूर्ण ग्राम पंचायतों के हजारों किसान जुड़े हुए हैं। इतने बड़े कार्यभार के बावजूद, बैंक में केवल
किरीत राम साहू, (सहायक लेखापाल), मोनू टैगोर (कैशियर)दो कर्मचारी ही कार्यरत हैं। पूरी शाखा सिर्फ दो लोगों के भरोसे चल रही है, जिसके कारण किसी भी किसान का काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
किसानों में भारी आक्रोश
बैंक के चक्कर लगा रहे किसानों का कहना है कि वे सुबह से आकर लाइन में लगते हैं, लेकिन शाम तक उनका नंबर नहीं आता। विशेष रूप से केसीसी लोन (KCC Loan) की प्रक्रिया में बहुत देरी हो रही है। किसानों ने बताया कि खेती का सीजन नजदीक है और उन्हें खाद-बीज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, लेकिन बैंक में फाइलें धूल फांक रही हैं।
शासन की मंशा पर फिर रहा पानी
एक ओर शासन ने किसानों की सुविधा के लिए बैंक की शाखाएं तो स्थापित कर दी हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में कर्मचारी नियुक्त न करना किसानों के लिए मुसीबत

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