राष्ट्रभक्ति से गूंजा पंडरभट्ठा, वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत का 25वां शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया
कलेक्टर और एसएसपी ने शहीद परिवारों व पूर्व सैनिकों का किया सम्मान, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण से चार वर्षों में 115 युवाओं का सेना में चयन, पूर्व सैनिक संगठन ने रनिंग ट्रैक व शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार की उठाई मांग
मुंगेली। राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत के 25वें शहादत दिवस (रजत जयंती शहादत समारोह) पर रविवार को विकासखंड मुंगेली के ग्राम पंडरभट्ठा स्थित शहीद स्मारक परिसर में श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। पूर्व सैनिक संगठन मुंगेली के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर कुंदन कुमार तथा पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल रहे। वहीं डीएफओ अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे एवं जिला सैनिक कल्याण संयोजक योगराम बावने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और सभी अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीद को नमन किया।
“शहीदों का बलिदान देश की सबसे बड़ी प्रेरणा”
कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि देश का तिरंगा आज जिस गौरव और सम्मान के साथ लहरा रहा है, उसके पीछे सैनिकों का त्याग और बलिदान है। उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि वह सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करे तथा हर संभव सहयोग प्रदान करे। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से शहीद परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिलाया।

एसएसपी भोजराम पटेल ने कहा कि वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत का जीवन युवाओं के लिए साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का आदर्श है। उन्होंने युवाओं से देशहित को सर्वोपरि रखते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
डीएफओ अभिनव कुमार ने शहीदों की स्मृति में पौधरोपण को प्रकृति संरक्षण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बताते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की।
आतंकवादियों से लड़ते हुए दिया था सर्वोच्च बलिदान
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष त्रिभुवन यादव ने शहीद धनंजय सिंह राजपूत के सैन्य जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि वे वर्ष 1993 में भारतीय सेना की 64 कैवलरी में भर्ती हुए थे। बाद में 24 राष्ट्रीय राइफल्स में नियुक्त होकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई 2001 की रात आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और 16 जुलाई 2001 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। 19 जुलाई 2001 को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव पंडरभट्ठा में अंतिम संस्कार किया गया था।
देशभक्ति गीतों से भावुक हुआ माहौल
समारोह में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “वीर शहीद अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। कई लोगों की आंखें नम हो गईं, वहीं बच्चों की प्रस्तुतियों ने समारोह को भावनात्मक बना दिया।
निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण बना युवाओं के लिए उम्मीद की किरण
पूर्व सैनिक संगठन ने बताया कि वर्ष 2022 से मुंगेली स्टेडियम में युवाओं को निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
- वर्ष 2023 में 27 युवा
- वर्ष 2024 में 29 युवा
- वर्ष 2025 में 37 युवा
- वर्ष 2026 में अब तक 22 युवा
भारतीय सेना (अग्निवीर) में चयनित हो चुके हैं। इसके अलावा प्रतिवर्ष 25 से 30 युवाओं का चयन एसएससी जीडी और विभिन्न अर्द्धसैनिक बलों में भी हो रहा है।
रनिंग ट्रैक और शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार की मांग
पूर्व सैनिक संगठन ने जिला प्रशासन से मुंगेली स्टेडियम में सैन्य प्रशिक्षण के लिए मिट्टी का रनिंग ट्रैक बनाने, शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार, परिसर में शौचालय निर्माण तथा सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की मांग रखी।
शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान कलेक्टर, एसएसपी एवं अन्य अतिथियों ने शहीद धनंजय सिंह राजपूत के परिजनों और जिले के पूर्व सैनिकों को शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर कुंदन कुमार ने बादाम तथा एसएसपी भोजराम पटेल ने कटहल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र और समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान दिया जाए।
राष्ट्रभक्ति का प्रेरक आयोजन
वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत की 25वीं शहादत पर आयोजित यह समारोह केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रभक्ति, वीरता, त्याग और युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करने वाला एक सशक्त सामाजिक संदेश बनकर सामने आया। कार्यक्रम का संचालन सूरज शर्मा ने किया।

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