‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सहारा इंडिया घोटाले का फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार

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3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी का मामला, तीन साल से फरार आरोपी न्यायिक रिमांड पर

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कोतवाली पुलिस ने करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे सहारा इंडिया के कबीर चौक, रायगढ़ शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी को 20 जुलाई 2026 को कोतरारोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मिली मुखबिर सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

2022 में दर्ज हुआ था मामला

पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 29 सितंबर 2022 को हुई थी, जब रायगढ़ के कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी विकास निगानिया ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी को विश्वसनीय बताते हुए तथा आरबीआई से अधिकृत होने का भरोसा दिलाकर वर्ष 2017 में उनसे, उनकी माता और पत्नी से विभिन्न योजनाओं में लगभग 40 लाख रुपये का निवेश कराया।

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शिकायत के अनुसार निवेश अवधि पूरी होने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर राशि लेकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए, जिससे कथित रूप से निवेशकों के साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई।

3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप

विवेचना के दौरान जिला प्रशासन, विभिन्न बैंकों, मंत्रालयों तथा निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। पुलिस के अनुसार जांच में सहारा इंडिया समूह के कई वरिष्ठ अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों तथा क्षेत्रीय अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई।

अब तक की जांच में रायगढ़ सहित अन्य जिलों के 3,848 निवेशकों से लगभग 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपये की कथित धोखाधड़ी का खुलासा होने का दावा पुलिस ने किया है।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में पूर्व में सहारा इंडिया रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा, खरसिया के पूर्व शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करूणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृत लाल श्रीवास तथा 6 जुलाई 2024 को बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक रजनीश तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है।

जांच के दौरान आरोपियों से कंपनी के पहचान पत्र, नियुक्ति एवं कार्यादेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों से संबंधित जानकारी, जमीन के दस्तावेज तथा कथित रूप से धोखाधड़ी की राशि से खरीदी गई कार एवं मोटरसाइकिल भी जब्त की गई थी।

ससुराल पहुंचने की सूचना पर दबोचा गया आरोपी

पुलिस के अनुसार फरार आरोपी विजय कुमार शराफ लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान सूचना मिली कि वह अपने ससुराल कोतरारोड़ आया हुआ है। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी से सहारा इंडिया के कबीर चौक स्थित फ्रेंचाइजी कार्यालय से जुड़े विकास एवं प्रशासनिक आदेशों के दस्तावेज तथा कंपनी से संबंधित एमओयू की प्रतियां बरामद की गईं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी

रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि सहारा इंडिया निवेश घोटाले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले नए साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, एएसआई विल्फ्रेड मसीह तथा कोतवाली पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आम जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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