गतौरा शराब दुकान में लूट की साजिश का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
कर्ज चुकाने के लिए लॉकर काटकर नकदी लूटने की थी योजना, गैस कटर-ग्राइंडर समेत लूट में इस्तेमाल सामान बरामद
बिलासपुर। गतौरा स्थित शासकीय कम्पोजिट मदिरा दुकान में सुरक्षाकर्मियों को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और स्कूटी, लूटे गए दो मोबाइल फोन, गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी, धारदार चाकू सहित अन्य सामान जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कर्ज में डूबे होने के कारण शराब दुकान में रखी नकदी रकम लूटने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने पहले से गैस कटर, ग्राइंडर मशीन, छेनी, रस्सी और चाकू समेत अन्य सामान जुटाया था। वारदात के दौरान लॉकर काटने का प्रयास किया गया, लेकिन लॉकर नहीं टूट सका। नकदी हाथ नहीं लगने पर आरोपी शराब की कुछ बोतलें, सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन और सीसीटीवी का डीवीआर लेकर फरार हो गए।

03 अगस्त की रात नकाबपोश आरोपियों ने बोला धावा
मामले में शासकीय कम्पोजिट मदिरा दुकान गतौरा के सुपरवाइजर देवचरण सिन्हा ने थाना मस्तूरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 3 अगस्त 2026 की सुबह करीब 3:30 बजे दुकान में तैनात सुरक्षाकर्मी साहिल राय और हरकुंवर पंकज के पास करीब चार नकाबपोश व्यक्ति पहुंचे। सभी आरोपी काले कपड़े पहने हुए थे।
आरोपियों ने दोनों सुरक्षाकर्मियों के सिर और गर्दन पर धारदार चाकू अड़ाकर दुकान की चाबी मांगी। सुरक्षाकर्मियों द्वारा चाबी उनके पास नहीं होने की बात कहने पर आरोपियों ने हरकुंवर पंकज के सिर, माथे और दाहिने हाथ पर धारदार हथियार से वार कर घायल कर दिया। इसके बाद दोनों सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर बांध दिए गए।
आरोपियों ने दुकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद ग्राइंडर कटर मशीन और छेनी की मदद से लॉकर काटकर नकदी निकालने का प्रयास किया, लेकिन वे लॉकर तोड़ने में सफल नहीं हो सके।
नकदी नहीं मिली तो मोबाइल और शराब की बोतलें ले गए
लॉकर नहीं टूटने और नकदी नहीं मिलने के बाद आरोपियों ने दुकान के काउंटर में रखी शराब की कुछ बोतलें अपने कब्जे में ले लीं। इसके अलावा दोनों सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन, सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर भी निकाल लिया। इसके बाद आरोपी दोपहिया वाहनों से मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस ने अज्ञात नकाबपोश आरोपियों की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
मोपका में पहले वारदात की कोशिश, चहल-पहल देख बदला ठिकाना
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने पहले मोपका स्थित शराब दुकान को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। चारों आरोपी देवरीखुर्द से सुशील निर्मलकर की नीले रंग की स्कूटी और पिंटू निषाद की मोटरसाइकिल से निकले थे।
आरोपी बूटा पारा-फरहदा मार्ग से मोपका शराब दुकान पहुंचे, लेकिन वहां आसपास अधिक चहल-पहल होने के कारण वारदात को अंजाम देने का जोखिम नहीं उठाया। इसके बाद आरोपी चिल्हाटी-फरहदा होते हुए गतौरा पहुंचे और वहां पहले से बनाई गई योजना के अनुसार लूट की वारदात को अंजाम दिया।
कर्ज में डूबे थे आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि वे कर्ज में लदे हुए थे और उससे छुटकारा पाने के लिए बड़ी रकम हासिल करना चाहते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने शराब दुकान के लॉकर में रखी नकदी लूटने की योजना बनाई।
लॉकर को काटने के लिए गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी, रस्सी और धारदार चाकू समेत अन्य सामान की व्यवस्था की गई थी। हालांकि लॉकर नहीं टूट पाने के कारण आरोपियों को अपेक्षित नकदी नहीं मिल सकी।
डीवीआर नदी में फेंककर मिटाना चाहते थे साक्ष्य
वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस की जांच को भटकाने और सीसीटीवी फुटेज से पहचान संबंधी साक्ष्य न मिलने देने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर नदी में फेंक दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा डीवीआर को नदी में फेंकने की बात बताए जाने के बाद इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद थाना मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम ने घटनास्थल तथा आसपास के क्षेत्रों में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मस्तूरी सुदीप सरकार के मार्गदर्शन में टीम ने लगातार संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई पतासाजी के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची।
इसके बाद अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, पिंटू निषाद और सुशील निर्मलकर को गिरफ्तार किया गया।
गैस कटर से लेकर मोबाइल तक जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और स्कूटी, लूटे गए दो मोबाइल फोन, गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, धारदार चाकू, छेनी सहित अन्य औजार बरामद किए हैं। जब्त सामान को पुलिस ने मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।
एक आरोपी फरार, पूर्व में करता था नगदी कलेक्शन
मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार फरार आरोपी पूर्व में CMS Info System कंपनी में कार्यरत था तथा शासकीय मदिरा दुकानों से नगद राशि कलेक्शन का कार्य करता था। उसकी भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
तीनों गिरफ्तार आरोपी बिलासपुर के
गिरफ्तार आरोपियों में अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, पिता राजू ध्रुव, उम्र 24 वर्ष, निवासी सोनू पान सेंटर, देवरीखुर्द, थाना तोरवा; पिंटू निषाद, पिता श्रवण निषाद, उम्र 25 वर्ष, निवासी धान मंडी के पीछे, तोरवा तथा सुशील निर्मलकर, पिता कार्तिक निर्मलकर, उम्र 24 वर्ष, निवासी हेमूनगर अटल आवास, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर शामिल हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की है। मामले में फरार आरोपी की तलाश के साथ ही लूट की घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित संलिप्तता की जांच जारी है।
इस कार्रवाई में थाना मस्तूरी पुलिस एवं एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम द्वारा मामले में आगे भी जांच जारी रखते हुए फरार आरोपी को गिरफ्तार करने और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

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