मुख्य सचिव ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की
लाभार्थियों और वेंडर्स को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
रायपुर । मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित की जा रही केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लाभार्थियों और विभिन्न वेंडर्स को समय पर भुगतान हो, इसके लिए सभी जरूरी कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के अंतर्गत सभी जरूरी स्वीकृतियां निर्धारित समयावधि में ली जानी चाहिए। इसके लिए व्यवस्थित और सिस्टमैटिक सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र प्रवर्तित योजनाएं शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का हिस्सा हैं और इनका सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचता है। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के इंप्लीमेंटेशन की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी प्रक्रिया में विलंब या किसी प्रकार की समस्या सामने आए, उसका समय पर समाधान किया जाए।

बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत केंद्र प्रयोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए एस.एन.ए. स्पर्श ऑन बोर्डिंग स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभागवार योजनाओं की ऑन बोर्डिंग की वर्तमान स्थिति तथा उससे संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की।

एस.एन.ए. स्पर्श ऑन बोर्डिंग की स्थिति की समीक्षा
बैठक में एस.एन.ए. स्पर्श ऑन बोर्डिंग की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। एस.एन.ए. एक डिजिटल प्रणाली है, जो केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में संचालित की जा रही है। इसमें मनरेगा समेत कई केंद्रीय योजनाओं के तहत फंड ट्रांसफर किया जाता है। यह प्रणाली फंड के दुरुपयोग को रोकने और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है।
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से एस.एन.ए. स्पर्श के माध्यम से योजनाओं के संचालन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की ऑन बोर्डिंग की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, उनके लिए निर्धारित कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इसी तरह योजनाओं की मातृ स्वीकृतियों और लंबित परिचालन की भी समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार लंबित कार्यों और स्वीकृतियों की स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के संचालन से संबंधित सभी आवश्यक स्वीकृतियां समय पर प्राप्त की जाएं और लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने कार्ययोजना बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की ऑन बोर्डिंग करने के लिए निर्धारित कार्यवाही पूर्ण करने एवं योजनाओं के अंतर्गत सभी भुगतानों की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने कहा है। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। लाभार्थियों और वेंडर्स को समय पर भुगतान मिलने से योजनाओं के क्रियान्वयन की गति बनी रहेगी।
उन्होंने विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करने और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं से संबंधित स्वीकृतियों, भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केवल स्वीकृति जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और जमीनी स्तर पर उनके परिणामों की निगरानी भी जरूरी है। विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में आने वाली बाधाओं को चिन्हित कर उनका समाधान करने के निर्देश दिए गए।
वित्त विभाग ने दिया विस्तृत प्रस्तुतीकरण
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं की स्थिति, एस.एन.ए. स्पर्श ऑन बोर्डिंग, स्वीकृतियों तथा भुगतान प्रक्रिया से संबंधित जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी।
प्रस्तुतीकरण के दौरान केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं, डिजिटल प्रणाली के उपयोग और योजनाओं से जुड़े वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की प्रगति और लंबित प्रक्रियाओं की स्थिति से भी बैठक को अवगत कराया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के संचालन में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। योजनाओं के लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुंचाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में लिया हिस्सा
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, उद्योग एवं वाणिज्य एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भूवनेश यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, विशेष सचिव वित्त चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रक्रियाओं, डिजिटल ऑन बोर्डिंग, स्वीकृतियों और भुगतान व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए पात्र लाभार्थियों और संबंधित वेंडर्स को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समय-सीमा में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा।

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