मोदी सरकार का छत्तीसगढ़ को बड़ा रेल तोहफा, 10,783 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी : तोखन साहू

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कटनी-पेंड्रा रोड चौथी और बिलासपुर-उसलापुर-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन से छत्तीसगढ़ को मिलेगा बड़ा लाभ

656 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार, 14 जिलों के करीब 4,790 गांवों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

बिलासपुर। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10,783 करोड़ रुपए की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने पर केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है। स्वीकृत परियोजनाओं में कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार को लगातार गति मिल रही है। इन परियोजनाओं के माध्यम से करीब 656 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार होगा। इसका लाभ पांच राज्यों के 14 जिलों और लगभग 4,790 गांवों को मिलेगा। इन क्षेत्रों में रहने वाली करीब 56 लाख की आबादी बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लाभान्वित होगी।

ट्रेनों की आवाजाही आसान, यात्री सेवाओं को मिलेगा फायदा

केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि रेल लाइनों की क्षमता बढ़ने से ट्रेनों के आवागमन में बाधाएं कम होंगी। इससे यात्री सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और रेल परिवहन अधिक सुगम होगा। मल्टीट्रैकिंग से यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता में भी वृद्धि होगी।

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उन्होंने कहा कि कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और इस्पात जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों की माल ढुलाई भी अधिक सुगम हो सकेगी। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अतिरिक्त लगभग 27 मिलियन टन यानी 2.7 करोड़ टन माल प्रतिवर्ष परिवहन क्षमता बढ़ने का अनुमान है। इससे औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

पर्यटन और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

तोखन साहू ने कहा कि रेल परियोजनाओं का लाभ केवल यात्री और माल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। अमरकंटक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, रतनपुर महामाया मंदिर और मल्हार सहित प्रमुख धार्मिक, पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच बेहतर होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। इससे पर्यटन आधारित रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण परियोजनाएं

केंद्रीय राज्यमंत्री ने रेल परिवहन के विस्तार के पर्यावरणीय लाभों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से करीब 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत होने का अनुमान है। इसके साथ ही लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि रेल नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि से माल परिवहन के लिए अधिक प्रभावी रेल ढुलाई संभव होगी, जिससे परिवहन व्यवस्था को अधिक सक्षम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई रेल मजबूती

तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मार्गदर्शन में देश में आधुनिक एवं मजबूत रेल अधोसंरचना का निर्माण तेजी से हो रहा है। छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत ये परियोजनाएं यात्री सुविधाओं, माल परिवहन, उद्योग, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने वाली हैं।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ की रेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। बेहतर रेल नेटवर्क से क्षेत्र में विकास की संभावनाएं और व्यापक होंगी तथा यात्री एवं माल परिवहन दोनों को इसका लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का जताया आभार

तोखन साहू ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वीकृत मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं छत्तीसगढ़ सहित संबंधित क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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