सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विश्व हृदय दिवस पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर में जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

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बढ़ती उम्र ही नहीं, बदलती जीवनशैली भी बढ़ा रही हृदय रोग का खतरा — डॉ. मनीष बंजारा

मुंगेली । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विश्व हृदय दिवस के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हृदय को स्वस्थ रखने, हृदय रोग के जोखिम कारकों की पहचान करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।

डॉ. मनीष बंजारा ने कहा कि हृदय रोग अब केवल बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या नहीं रह गया है। शारीरिक गतिविधि की कमी, लंबे समय तक बैठे रहना, असंतुलित आहार, अत्यधिक नमक-चीनी एवं अस्वास्थ्यकर वसा का सेवन, तंबाकू, मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और तनाव जैसे कारक कम उम्र में भी हृदय संबंधी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली में फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन का बढ़ता सेवन चिंता का विषय है। ऐसे खाद्य पदार्थों में नमक, कैलोरी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। इनका नियमित एवं अत्यधिक सेवन वजन बढ़ने, उच्च रक्तचाप तथा अन्य चयापचय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए भोजन का चुनाव केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर करना आवश्यक है। “हृदय की सुरक्षा किसी एक दिन का संकल्प नहीं, बल्कि रोज की छोटी-छोटी अच्छी आदतों का परिणाम है।” नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तंबाकू से दूरी, तनाव का बेहतर प्रबंधन तथा समय-समय पर रक्तचाप, रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल की जांच हृदय स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा, “आज की लापरवाही कल के हृदय पर बोझ बन सकती है।” परिवार में स्वस्थ भोजन, सक्रिय जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच की आदत विकसित करना हृदय रोग की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को हृदय रोग के चेतावनी संकेतों के प्रति भी जागरूक किया। सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, अचानक अत्यधिक पसीना आना, चक्कर, बेहोशी अथवा असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में मनीष कोल, किशोर उइके, जलेश्वरी मिरि, अंकिता खांडे, सुधा, त्रिवेणी, मोनिका एवं सुनीता सहित स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में लोगों से अपने हृदय की नियमित देखभाल करने तथा स्वस्थ जीवनशैली को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि “स्वस्थ हृदय केवल एक व्यक्ति की सेहत नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशहाली और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है।

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