आवारा मवेशियों से फसल बर्बाद, किसानों की महाबैठक में बड़ा फैसला, मवेशी मालिकों पर अपराध दर्ज कराने की चेतावनी
नगर पंचायत मारो में किसानों ने लिया निर्णय, मुनादी कराकर पशुओं को बांधकर रखने की दी जाएगी हिदायत
समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी नगर पंचायत चुनाव का करेंगे बहिष्कार
रिपोर्टर विनय सिंह, ब्यूरो बेमेतरा
बेमेतरा। नगर पंचायत मारो में आवारा और लावारिस मवेशियों की बढ़ती समस्या से परेशान किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। खेतों में खड़ी फसलों को मवेशियों द्वारा लगातार नुकसान पहुंचाए जाने और शासन-प्रशासन की ओर से ठोस व्यवस्था नहीं किए जाने से नाराज किसानों ने गुरुवार को नगर पंचायत परिसर में एक बड़ी बैठक आयोजित की। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब मवेशियों को खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ अपराध दर्ज कराने की मांग की जाएगी। साथ ही नगर के सभी किसानों और पशुपालकों से अपने मवेशियों को बांधकर रखने की अपील की गई है। इस निर्णय की जानकारी गांव में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर दी जाएगी।


बैठक में उपस्थित किसानों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखते हुए कहा कि आवारा मवेशियों के कारण खेती करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। किसान दिनभर खेतों में मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन रात होते ही मवेशियों के झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसान रातभर खेतों में जागकर फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद मवेशियों के झुंड पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

फसल बचाने रातभर खेतों में पहरा दे रहे किसान
किसानों का कहना है कि आवारा मवेशियों की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। खेती-किसानी पहले से ही मौसम, लागत और बाजार की अनिश्चितताओं से प्रभावित रहती है। ऐसे में मवेशियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
किसानों ने बैठक में स्पष्ट किया कि अब केवल शिकायतों से काम नहीं चलेगा। मवेशियों को खुले में छोड़ने वाले पशु मालिकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सभी पशुपालकों को अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि दूसरे किसानों की फसलों को नुकसान न पहुंचे।
कोटवार के माध्यम से कराई जाएगी मुनादी
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, किसानों ने मवेशियों को खुले में छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सामूहिक पहल करने का फैसला किया है। इसके तहत कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को निर्णय की जानकारी दी जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मवेशियों को खुले में छोड़ने की समस्या जारी रहती है, तो संबंधित पशु मालिकों के खिलाफ अपराध दर्ज कराने की कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बैठक के रजिस्टर में इस निर्णय को दर्ज किया गया है। उपस्थित किसानों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति भी दी है। किसानों का मानना है कि सामूहिक निर्णय और प्रशासनिक हस्तक्षेप से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
नगर पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर किसानों ने बैठक में एक और बड़ा फैसला लेते हुए आगामी नगर पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। किसानों ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा जल्द ही मवेशियों की उचित व्यवस्था नहीं की जाती और किसानों को फसल बचाने के लिए कोई ठोस समाधान नहीं मिलता, तो नगर के किसान आगामी नगर पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
किसानों ने कहा कि खेती उनकी आजीविका का प्रमुख आधार है। जब फसल ही सुरक्षित नहीं रहेगी, तो किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो चुनाव बहिष्कार की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सीएमओ ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन
किसानों की इस महाबैठक में नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनीष सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे। किसानों ने उनके सामने आवारा मवेशियों की समस्या और उससे होने वाले नुकसान की जानकारी रखी। किसानों की मांगों को सुनने के बाद सीएमओ ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस विषय में उच्च अधिकारियों से पत्राचार कर उचित कार्रवाई के लिए पहल की जाएगी।
हालांकि, किसानों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहिए। उनका मानना है कि जब तक आवारा मवेशियों के लिए व्यवस्थित प्रबंधन नहीं किया जाएगा, तब तक फसलों को नुकसान पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में किसान रहे उपस्थित
बैठक में लाला, जनक, गुलशन साहू, युवराज, काशीन, कुलदीपराम, कन्हैया पांडेय, वामन साहू, रामेश्वर साहू, भरत ठाकुर, ईश्वर, फेरन साहू, संतोष ध्रुव, बाहर पाटिल, तुलसीराम साहू, रामकुमार साहू, संतोष, बसंत गिरी और सधारू साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने बैठक में लिए गए निर्णय पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई।
नगर पंचायत मारो में आवारा मवेशियों को लेकर किसानों की यह सामूहिक पहल अब स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है। किसानों की मांग है कि फसलों को बचाने के लिए जल्द से जल्द प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि उन्हें रातभर खेतों में पहरा देने की मजबूरी से राहत मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की चेतावनी के बाद इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

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