विकास भी, विरासत भी: तेलीबांधा चौक की मूल पहचान बरकरार रखते हुए हो सौंदर्यीकरण
जिला साहू संघ युवा प्रकोष्ठ बेमेतरा ने मुख्यमंत्री की पहल का किया स्वागत, ‘तेलीबांधा चौक–सेवा ज्योति संकल्प स्थल’ नाम रखने का दिया सुझाव
रिपोर्टर विनय सिंह | ब्यूरो बेमेतरा

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा रायपुर के ऐतिहासिक तेलीबांधा चौक को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की पहल का जिला साहू संघ युवा प्रकोष्ठ, बेमेतरा ने स्वागत किया है। युवा प्रकोष्ठ के सह संयोजक सोनू साहू ने कहा कि प्रदेश के ऐतिहासिक और गौरवशाली स्थलों का विकास एवं सौंदर्यीकरण सराहनीय कदम है। इसके साथ ही स्थलों की मूल ऐतिहासिक पहचान और उनसे जुड़ी सामाजिक भावनाओं को भी संरक्षित रखा जाना चाहिए।

सोनू साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के साथ विरासत को नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। साहू समाज विकास की पहल का सदैव समर्थन करता है। तेलीबांधा चौक का सौंदर्यीकरण भी शहर की सुंदरता बढ़ाने और इसे एक आकर्षक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
तेलीबांधा नाम से जुड़ी है समाज की ऐतिहासिक पहचान
सोनू साहू ने कहा कि तेलीबांधा चौक केवल एक चौराहा नहीं है, बल्कि साहू समाज के इतिहास, श्रम, सेवा, त्याग और स्वाभिमान से जुड़ी पहचान का प्रतीक है। इस नाम का संबंध ऐतिहासिक तेलीबांधा तालाब और क्षेत्र की पुरानी पहचान से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में चौक के विकास के साथ उसके मूल नाम को बनाए रखना समाज की भावनाओं और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि विकास और विरासत एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। यदि किसी ऐतिहासिक स्थल का आधुनिक स्वरूप में विकास करते समय उसकी पुरानी पहचान भी सुरक्षित रखी जाए, तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
‘तेलीबांधा चौक–सेवा ज्योति संकल्प स्थल’ रखने का सुझाव
जिला साहू संघ युवा प्रकोष्ठ ने संतुलित प्रस्ताव रखते हुए आग्रह किया है कि तेलीबांधा चौक का भव्य सौंदर्यीकरण और विकास ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की अवधारणा के अनुरूप किया जाए, लेकिन चौक की ऐतिहासिक पहचान ‘तेलीबांधा चौक’ के नाम से ही यथावत रखी जाए।
इसके लिए ‘तेलीबांधा चौक–सेवा ज्योति संकल्प स्थल’ नाम का सुझाव दिया गया है। युवा प्रकोष्ठ का मानना है कि इस व्यवस्था से मुख्यमंत्री की सेवा और संकल्प की भावना को भी सम्मान मिलेगा तथा साहू समाज की ऐतिहासिक पहचान भी बनी रहेगी।
सरकार और समाज के बीच सेतु बनेगी पहल
सोनू साहू ने कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य विकास कार्यों का विरोध करना नहीं, बल्कि विकास के साथ सामाजिक भावनाओं और ऐतिहासिक विरासत का सम्मान सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस सुझाव पर सकारात्मक विचार करेगी।
जिला साहू संघ युवा प्रकोष्ठ, बेमेतरा ने कहा कि विकास के नए आयाम स्थापित करते समय परंपरा, इतिहास और सामाजिक पहचान को साथ लेकर चलना आवश्यक है। तेलीबांधा चौक के सौंदर्यीकरण के साथ उसके मूल नाम को बनाए रखने का प्रस्ताव इसी सोच को आगे बढ़ाता है।

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