PMEGP लोन में देरी से परेशान युवक की कलेक्टर से गुहार, बैंक मैनेजर पर दुर्व्यवहार का आरोप

0
Screenshot_20260506_115847


4-5 माह से लंबित 8 लाख का ऋण, जनदर्शन में शिकायत; जांच व त्वरित स्वीकृति की मांग


मुंगेली। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन आवेदन करने वाले एक युवक ने बैंक की कार्यप्रणाली से परेशान होकर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। जनदर्शन कार्यक्रम में टोकन क्रमांक 16976 के तहत प्रस्तुत शिकायत में आवेदक ने बैंक मैनेजर पर लोन स्वीकृति में अनावश्यक देरी और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता घनश्याम यादव, निवासी शिवाजी वार्ड, नवागढ़ रोड मुंगेली ने बताया कि उन्होंने करीब 4-5 माह पहले छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, जिला पंचायत मुंगेली के माध्यम से 8 लाख रुपए के लोन के लिए आवेदन किया था। उनका उद्देश्य डेयरी व्यवसाय स्थापित कर आत्मनिर्भर बनना था। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका प्रकरण पंजाब नेशनल बैंक, मुंगेली को अग्रेषित किया गया था।

घनश्याम यादव के अनुसार, बैंक द्वारा मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज उन्होंने समय पर और पूर्ण रूप से जमा कर दिए थे। इसके बावजूद उनका लोन अब तक स्वीकृत नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक मैनेजर श्री नागेश माने पिछले कई महीनों से उन्हें “आज-कल” कहकर टालते रहे हैं और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं।

आवेदक ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया कि 4 मई 2026 को सुबह लगभग 11:20 बजे वह बैंक पहुंचे और मैनेजर से लोन स्वीकृति के संबंध में जानकारी मांगी। इस दौरान मैनेजर ने कथित रूप से उनके आवेदन में त्रुटि बताते हुए उन्हें फटकार लगाई और वापस भेज दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मैनेजर का व्यवहार अपमानजनक था, जिससे उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

घनश्याम यादव ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही और दुर्व्यवहार के कारण उनका स्वरोजगार शुरू करने का सपना अधूरा रह गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है और वे इस लोन के माध्यम से अपनी आजीविका सुधारना चाहते थे।

प्रार्थी ने कलेक्टर से मांग की है कि उनके आवेदन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और लोन स्वीकृति में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए। साथ ही संबंधित बैंक अधिकारियों के व्यवहार की भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अन्य आवेदकों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर उन्हें राहत दिलाने की अपील की है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और आवेदक को कब तक न्याय मिल पाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!