जिला अस्पताल मुंगेली की कैंटीन व्यवस्था ठप, नए ठेकेदार को नहीं मिला कब्जा; मरीजों के परिजन परेशान

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स्वीकृति के बाद भी शुरू नहीं हो पाया संचालन, पूर्व संचालक पर कैंटीन खाली न करने का आरोप; अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल


मुंगेली। जिला चिकित्सालय मुंगेली में कैंटीन संचालन को लेकर प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था का मामला सामने आया है। एक ओर जहां अस्पताल प्रशासन ने नए ठेकेदार को कैंटीन संचालन की स्वीकृति दे दी है, वहीं दूसरी ओर पुराने संचालक द्वारा स्थान खाली नहीं किए जाने के कारण नई व्यवस्था अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इस स्थिति से अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन खासे परेशान हो रहे हैं।

कार्यालय सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा 30 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार, 100 बिस्तर एमसीएच एवं जिला चिकित्सालय/नेत्र चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए भोजन, चाय, नाश्ता आदि की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मेसर्स कस्तुरी होटल करही को कैंटीन संचालन की स्वीकृति दी गई थी। यह अनुबंध 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए प्रभावशील किया गया है।

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आदेश में स्पष्ट रूप से कई शर्तें निर्धारित की गई थीं, जिनमें साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन, कर्मचारियों की मेडिकल जांच, निर्धारित समय (सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक) सेवा उपलब्ध कराना और हर माह 19,950 रुपए की राशि जीवनदीप समिति में जमा करना शामिल है।

लेकिन हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। कस्तुरी होटल प्रबंधन ने सिविल सर्जन को लिखित पत्र में बताया है कि उन्हें सभी नियम एवं शर्तें स्वीकार हैं, लेकिन पूर्व संचालक द्वारा कैंटीन खाली नहीं किए जाने के कारण वे अपना कार्य प्रारंभ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि जैसे ही कैंटीन का कब्जा मिलेगा, वे तुरंत सेवा शुरू कर देंगे।


मरीजों के परिजनों को हो रही परेशानी

कैंटीन संचालन शुरू न होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को भोजन और नाश्ते के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। दूर-दराज से आए लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में व्यवस्थित खान-पान की सुविधा न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।


प्रबंधन पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्वीकृति जारी होने के बाद भी यदि नए ठेकेदार को समय पर कब्जा नहीं दिलाया जा सका, तो यह प्रशासनिक समन्वय की कमी को दर्शाता है।


समाधान की मांग

स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कैंटीन संचालन शुरू कराया जाए, ताकि अस्पताल में आने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।

फिलहाल, कैंटीन संचालन को लेकर बनी यह स्थिति अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है और इसका खामियाजा सीधे आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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