लापरवाही ने ली जान; लोहर्सी के हार्वेस्टर मालिक ने सीखने के लिए बेटे को थमाई स्टीयरिंग, बाइक सवार को रौंदा

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

पचपेड़ी/सोनसरी | कहते हैं कि अनुभवहीन हाथों में जब भारी वाहन की कमान होती है, तो वह सड़क पर दौड़ता हुआ काल बन जाता है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा मंगलवार, 12 मई को बिलासपुर जिले के मस्तूरी विधानसभा अंतर्गत सोनसरी मोड़ पर हुआ। यहाँ एक अनियंत्रित हार्वेस्टर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

काम से लौट रहे थे दोस्त, मोड़ पर मिली मौत

जानकारी के अनुसार, सोनसरी निवासी शंकर यादव (पिता फूलचंद यादव) और सोभित साहू (पिता हरिचंद साहू, रोजगार सहायक सोनसरी) किसी काम से जोंधरा गए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी सोनसरी पेट्रोल पंप के आगे मंदिर के पास मोड़ पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार हार्वेस्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
इस भीषण हादसे में शंकर यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सोभित साहू को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

पैसा बचाने के चक्कर में ‘सिखाऊ’ बेटे को दी गाड़ी

हादसे के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चश्मदीदों और ग्रामीणों के मुताबिक, हार्वेस्टर लोहर्सी निवासी श्यामू साहू का है, जिसे उसका बेटा विकास साहू चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विकास अभी गाड़ी चलाना सीख रहा था। आमतौर पर हार्वेस्टर चलाने के लिए पंजाब या हरियाणा से अनुभवी ड्राइवर बुलाए जाते हैं, लेकिन मालिक ने पैसे बचाने के चक्कर में अपने नौसिखिए बेटे को मुख्य मार्ग पर गाड़ी थमा दी, जिसकी लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया।

भागते ड्राइवर को ग्रामीणों ने दबोचा

हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर विकास हार्वेस्टर लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे सोनसरी निवासी तिलक मिरी ने साहस दिखाते हुए दौड़ाकर पकड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवार अपनी सही दिशा में थे, लेकिन अनियंत्रित हार्वेस्टर अचानक उनकी तरफ घुस गया।
हैरान करने वाली बात: दुर्घटनाकारित हार्वेस्टर पर कहीं भी गाड़ी का नंबर नहीं लिखा है, जिससे वाहन के दस्तावेजों और अवैध संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पचपेड़ी थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर बिना अनुभव के भारी वाहन चलाने की अनुमति कैसे दी गई। अब क्षेत्र की निगाहें पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने पर टिकी हैं।

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