महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर माओवादियों का गुप्त हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

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नारायणपुर और गढ़चिरौली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, ‘ऑपरेशन अंतिम प्रहार’ में बड़ी सफलता

नारायणपुर/गढ़चिरौली। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर माओवाद विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर और गढ़चिरौली पुलिस की संयुक्त टीम ने घने जंगलों में संचालित माओवादियों के गुप्त हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और निर्माण सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आत्मसमर्पित माओवादियों ने खुलासा किया था कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे जंगलों में माओवादी संगठन द्वारा हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना के सत्यापन के बाद सुरक्षा बलों ने विशेष संयुक्त अभियान शुरू किया।

‘ऑपरेशन अंतिम प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई

26 मई से शुरू किए गए “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” में गढ़चिरौली पुलिस, नारायणपुर डीआरजी और बम निरोधक दस्ता (BDDS) की संयुक्त टीम शामिल रही। अभियान के दौरान काकूर थाना क्षेत्र के सुदूर वन क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल के भीतर माओवादियों के हथियार निर्माण नेटवर्क का पता चला। अधिकारियों के मुताबिक यह ठिकाना लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त

सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने एक इंसास रायफल, दो सिंगल शॉट रायफल, दो 12 बोर बंदूकें और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए।

इसके अलावा करीब 25 किलोग्राम आईईडी विस्फोटक, दो क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उससे जुड़ी सामग्री भी जब्त की गई।

पुलिस ने सात बीजीएल लॉन्चर, तीन ट्यूब लॉन्चर, लेथ मशीनें, मोटर, ग्राइंडर, बैटरियां, इन्वर्टर, वायर बंडल और सोलर प्लेटें भी बरामद की हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन उपकरणों का उपयोग माओवादी हथियार और विस्फोटक तैयार करने में करते थे।

मौके पर ही नष्ट की गई सामग्री

सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अधिकांश विस्फोटक सामग्री और उपकरणों को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया, ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल न हो सके।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री से यह स्पष्ट होता है कि माओवादी संगठन सीमा क्षेत्र में अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि सुरक्षा बलों की सतर्कता और लगातार चल रहे अभियानों से उनके मंसूबों को बड़ा झटका लगा है।

माओवादी गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी

अधिकारियों ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और सुरक्षा बहाल करने के उद्देश्य से लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि आने वाले समय में भी माओवादी नेटवर्क के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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