फर्जी अंकसूची से सरकारी नौकरी दिलाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, रायगढ़ पुलिस की ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में बड़ी कार्रवाई

0
IMG-20260714-WA0769

रायगढ । रायगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत फर्जी 10वीं की अंकसूची तैयार कर ग्रामीण डाक सेवक (डाकपाल) की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में सिटी कोतवाली पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस दौरान सक्ती निवासी नरेन्द्र कुमार और जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने आवेदन के साथ 10वीं की अंकसूची प्रस्तुत की थी। प्रस्तुत अंकों के आधार पर दोनों का चयन रायगढ़ डाक संभाग के अंतर्गत बर्रा और सुलेसा शाखा में डाकपाल (ग्रामीण डाक सेवक) के पद पर हुआ।

नियुक्ति से पूर्व दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान संबंधित अंकसूचियों की जांच तमिलनाडु बोर्ड से कराई गई, जहां से स्पष्ट हुआ कि दोनों अंकसूचियां फर्जी हैं और बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं की गई थीं। इसके बाद अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर थाना कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

NTPC World Environment Day

जांच के दौरान दोनों अभ्यर्थियों ने पुलिस को बताया कि सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर ने उनसे संपर्क किया था। आरोपी ने नौकरी लगवाने के एवज में तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की थी। नरेन्द्र कुमार ने आरोपी को 3.50 लाख रुपये दिए, जबकि सोनम साहू ने नौकरी लगने के बाद भुगतान करने की सहमति दी थी। आरोपी ने दोनों को फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराईं, जिनका उपयोग भर्ती प्रक्रिया में किया गया। फर्जीवाड़ा सामने आने पर दोनों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी।

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से फरार था। जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2013 में नकली नोट के मामले में उसे 10 वर्ष की सजा हो चुकी थी। जेल से रिहा होने के बाद वह कथित रूप से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी और ठगी करने लगा।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कोरबा में दबिश देकर विनोद कुमार राठौर (47 वर्ष), निवासी शिवाजी नगर, कोरबा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराकर नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह जगत, प्रधान आरक्षक मनोज मरावी तथा आरक्षक मुरली मनोहर पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी नौकरियों में प्रवेश दिलाने वाले गिरोहों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!